जयपुर, 16 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि धर्म समाज में एकजुटता की शक्ति होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।
योगी ने जालोर के सिरे मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जाति व्यवस्था समाज को संगठित करने के लिए है लेकिन जातिवाद सामाजिक ढांचे को कमजोर करता है और राष्ट्र को विभाजित करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने में विश्वास करती थीं, जिससे देश कमजोर हुआ और कश्मीर अशांति, नक्सलवाद, भाषाई विवाद व जातीय संघर्ष जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व ने देश को एकजुट किया है और कश्मीर व नक्सलवाद जैसी समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
योगी ने कहा कि साथ ही मौजूदा शासन में यह सुनिश्चित किया गया कि कल्याणकारी योजनाएं बिना भेदभाव के लोगों तक पहुंचें।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देशभर में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है, जहां पहले सड़कें नहीं थीं, वहां अच्छी सड़कें बनीं, रेलवे संपर्क का विस्तार हुआ और हवाई अड्डे, मेट्रो सेवाएं, चिकित्सा संस्थान व इंजीनियरिंग कॉलेज ऐसे क्षेत्रों में स्थापित किए गए जहां पहले इनकी कमी थी।
योगी ने पूर्व की केंद्र सरकारों को निशाना बनाते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को पिछड़ा समझा जबकि वर्तमान नेतृत्व ने यह मान्यता दी कि देश का विश्वास सनातन धर्म से गहरे रूप से जुड़ा है और समाज आस्था के बिना आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दशकों पहले बन सकता था लेकिन पिछली सरकारों ने कोई कदम नहीं उठाया और राम मंदिर अब भव्य रूप से निर्माणाधीन है, जो संकल्प और एकता का प्रतीक है।
योगी ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास का भी उल्लेख किया और कहा कि पहले एक समय में केवल सीमित संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर सकते थे लेकिन अब हजारों लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने मथुरा व वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों पर भी सुधार कार्यों का जिक्र किया और कहा कि भारत का आत्मबल ऋषि-मुनियों की साधनाओं, योद्धाओं की वीरता, किसानों की मेहनत और श्रमिकों के श्रम से मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने दहेज, बहुपत्नी प्रथा व बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया और राष्ट्र की प्रगति के लिए सभी से ईमानदारी से काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारत ने विदेशी आक्रमणकारियों के हमलों को सहा और आंतरिक विभाजनों के कारण ही वे सफल हुए।
भाषा बाकोलिया शोभना जितेंद्र
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