नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया रद्द किए जाने की संभावना है, क्योंकि संभावित खरीदारों द्वारा लगाई गई वित्तीय बोलियां आरक्षित मूल्य से कम थीं। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सरकार और एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रहे थे और अक्टूबर 2022 में रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी की थी। वित्तीय बोलियां छह फरवरी को प्राप्त हुईं।
सूत्रों के अनुसार, आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए प्राप्त वित्तीय बोलियां वित्त मंत्रालय के सचिवों की अध्यक्षता वाले विनिवेश पर अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा निर्धारित आरक्षित मूल्य से कम हैं।
प्रेम वातसा के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए बोली लगाई है।
वर्तमान में, सरकार और सरकारी स्वामित्व वाली एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं। सरकार के पास 45.48 प्रतिशत और एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें से सरकार और एलआईसी आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषा आशीष प्रशांत
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