जबलपुर, 13 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार को भोपाल में बंद पड़ी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के अंदर और आसपास दूषित मिट्टी और भूजल के आकलन व उपचार के संबंध में एक योजना प्रस्तुत करने के लिए पांच सप्ताह का समय दिया।
भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक कारखाने से 2-3 दिसंबर, 1984 की दरम्यानी रात को अत्यधिक जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव के बाद कम से कम 5,479 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग अपंग हो गए थे।
न्यायमूर्ति वी के सिंह और न्यायमूर्ति ए के निरंकारी की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर एक हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया, जिसमें योजना प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा गया था।
अदालत क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
सुनवाई में शामिल गैर सरकारी संगठन ‘भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन’ की रचना ढींगरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य सरकार को शुक्रवार को योजना उपलब्ध करानी थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी और समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
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