नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) का नाम बदलने की योजना बना रही है।
रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एसआरडीसी बोर्ड की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें दिल्ली के पुराने क्षेत्रों के समग्र विकास और पिछली सरकार की ‘गंभीर अनियमितताओं व भ्रष्टाचार’ से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
एक बयान के मुताबिक, “बोर्ड का नाम बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई और यह निर्णय लिया गया कि वरीयता क्रम में तीन प्रस्तावित नाम तैयार किए जाएंगे, जिसके बाद अंतिम नाम का चयन किया जाएगा।”
बैठक में दिगंबर लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक फैली चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई।
रेखा गुप्ता ने कहा, “संस्था के व्यापक पुनर्गठन और पुनरुद्धार का समय आ गया है। सरकार न केवल बोर्ड का नाम बदलेगी बल्कि इसका उपयोग पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद क्षेत्र के वास्तविक पुनर्विकास में तेजी लाने के लिए भी करेगी।”
बैठक में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान एसआरडीसी के कामकाज की भी समीक्षा की गई।
आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा, “2018 में लगभग 65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुई एक परियोजना अंततः बढ़कर लगभग 148 करोड़ रुपये हो गई, जिससे मंजूरी और प्रक्रियात्मक अनुपालन पर गंभीर सवाल उठते हैं। उपलब्ध दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि विकास कार्यों के नाम पर गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किए गए।”
मुख्यमंत्री के अनुसार, “कार्यवाही के रिकॉर्ड से तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों की भूमिका का भी पता चलता है।”
उन्होंने कहा, “इससे संकेत मिलता है कि विकास के नाम पर प्रक्रियाओं को अनुचित तरीके से आगे बढ़ाया गया, जिससे भ्रष्टाचार का रास्ता खुल गया। इन सभी अनियमितताओं की गहन जांच की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक टाउन हॉल को एक महत्वपूर्ण धरोहर स्मारक के रूप में विकसित किये जाने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक महत्ता और बढ़ेगी।
दिल्ली सरकार ने लगभग 160 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी की।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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