नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कहा है कि उसके दक्षिण, मध्य और पश्चिम क्षेत्रों में घरों, बाजारों और सड़कों से कचरा एकत्र करने की जिम्मेदारी निजी ठेकेदारों की है।
एमसीडी ने ठोस कचरे के संग्रहण और परिवहन के संबंध में कई निजी कंपनियों को जारी एक पत्र में यह बात कही।
यह घटनाक्रम मध्य क्षेत्र में कचरा संग्रहण कार्यों की जिम्मेदारी एक निजी ठेकेदार द्वारा संभाले जाने के बाद दर्ज किए गए कचरे की मात्रा पर उठ रहे सवालों के बीच आया है।
एक विज्ञप्ति के मुताबिक, भुगतान के लिए प्रतिदिन दर्ज की गई कचरे की मात्रा लगभग 600 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 1,600 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई है।
इसमें कहा गया है कि कचरा एकत्र करने और इसे निर्धारित प्रसंस्करण संयंत्रों और अपशिष्ट निपटारा स्थल तक ले जाने की जिम्मेदारी निजी ठेकेदारों की है।
इसमें यह भी कहा गया है कि कचरा संग्रहण ठेकेदारों को किया जाने वाला भुगतान काफी हद तक प्रसंस्करण संयंत्रों और लैंडफिल स्थलों तक ले जाए गए कचरे की मात्रा पर आधारित होता है, जिससे रिपोर्ट की गई मात्रा निगम व्यय निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक बन जाती है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि अपशिष्ट प्रबंधन अनुबंध दिल्ली के तीन निगम क्षेत्रों को शामिल करने वाली 3,000 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है।
निविदा प्रक्रिया के दौरान नगर निगम द्वारा फरवरी में जारी किए गए एक आधिकारिक दस्तावेज का हवाला देते हुए, विज्ञप्ति में कहा गया है कि एमसीडी ने निजी ठेकेदारों को सूचित किया था कि अनुबंध अवधि के दौरान कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ानी होगी।
भाषा आशीष दिलीप
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