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गुवाहाटी, 13 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि चाय बागान के श्रमिकों को भूमि अधिकार देकर भाजपा के नेतृत्व वाली असम सरकार इस समुदाय के प्रति हो रहे ‘ऐतिहासिक अन्याय’ को समाप्त कर रही है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि विपक्षी पार्टी ने अपने कार्यकाल में चाय बागान श्रमिकों की कभी सुध नहीं ली।
प्रधानमंत्री ने यहां एक रैली में कहा, ‘‘हमने उन्हें जमीन के पट्टे दिए हैं। चाय बागान श्रमिकों के साथ ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त करने के लिए मैं असम सरकार को बधाई देता हूं।’’
मोदी ने रस्मी तौर पर तीन-चार चाय बागान श्रमिकों के परिवार को पट्टे सौंपकर ऐसे 28,241 परिवारों को भूमि अधिकार देने की प्रक्रिया की शुरुआत की।
उन्होंने कहा, ‘‘दरअसल, मैं सभी चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे देकर अपना ऋण चुका रहा हूं। मैं इस मुकाम तक चाय बेचकर ही पहुंचा हूं, जो आपके द्वारा उगायी गयी और भेजी गई थी। मुझे आपका आशीर्वाद प्राप्त है।’’
उन्होंने कहा कि असम सभी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक आदर्श बन रहा है और पिछले 10 वर्षों में इसका विकास पश्चिम बंगाल पर अपनी छाप छोड़ रहा है, क्योंकि वहां के लोग ‘इस बार भाजपा सरकार’ चाहते हैं।
असम और पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
मोदी ने कहा, ‘‘हमने अपने किसानों को कोविड-19 और युद्ध जैसी वैश्विक घटनाओं से सुरक्षित रखा है। हमने किसान भाइयों को राहत देने के लिए उर्वरक सब्सिडी के रूप में 12 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।’’
प्रधानमंत्री ने बिना स्पष्ट किये कहा कि कांग्रेस ‘पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की स्थिति के बीच भी’ गलत सूचना फैला रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा, लेकिन राजग सरकार ने धीरे-धीरे इसे बदल दिया।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने 2014 से पहले के 10 वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 6.5 लाख करोड़ रुपये दिए, जबकि हमने पिछले एक दशक में 20 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। राजग सरकार सहानुभूति और सुशासन के लिए जानी जाती है। हम समाज के सभी वर्गों के विकास में विश्वास रखते हैं।”
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप
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