नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण एलपीजी आपूर्ति में पैदा हुए व्यवधानों से निपटने के लिए डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद बेचने वाली कंपनियां अब इलेक्ट्रिक उपकरणों और जैव ईंधन जैसे विकल्पों पर विचार कर रही हैं।
बालाजी वेफर्स, गोपाल स्नैक्स और ठेके पर खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनी कम्पास इंडिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे हालात से निपटने के लिए संबंधित सरकारी निकायों के संपर्क में हैं और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग पर विचार कर रही हैं।
बालाजी वेफर्स के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक चंदू विरानी ने पुष्टि की कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद गैस आपूर्ति में व्यवधान के कारण गुजरात में इस महीने केवल आधी आपूर्ति होने का नोटिस मिला है।
विरानी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”हम ईंधन को बदलने और तरल विकल्प का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं। हम अगले दो-तीन दिनों में इस पर फैसला लेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि ईंधन संकट के अलावा प्लास्टिक की कीमतों में करीब 100 रुपये प्रति किलो की वृद्धि से पैकेजिंग लागत भी बढ़ गई है।
कम्पास इंडिया के मुख्य खानपान अधिकारी अर्जयो बनर्जी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निर्बाध भोजन सेवाएं सुनिश्चित करना है।
गोपाल स्नैक्स ने शेयर बाजार को बताया कि वह अपने मोडासा और नागपुर संयंत्रों में ‘जैव कोयले’ का उपयोग कर रही है। कंपनी ने कहा कि वह एक ही ईंधन स्रोत पर निर्भरता कम करने के लिए रणनीतिक कदम उठा रही है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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