चंडीगढ़, 12 मार्च (भाषा) पंजाब विधानसभा में बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया कि केंद्र की विदेश नीति की विफलता के कारण रसोई गैस की कमी और कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे देश भर के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह प्रस्ताव बुधवार को पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारुचक द्वारा पेश किया गया था।
विधानसभा में बृहस्पतिवार को जब प्रस्ताव पर चर्चा फिर से शुरू हुई तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने (सदन में अनुपस्थित दो भाजपा विधायकों को छोड़कर) एलपीजी की स्थिति के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की ‘गलत नीतियों’ को जिम्मेदार ठहराया।
प्रस्ताव के अनुसार, ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग है।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘भारत के लोग लगातार एलपीजी की कमी का सामना कर रहे हैं। एक तरफ केंद्र सरकार झूठे आश्वासन दे रही है, वहीं दूसरी तरफ उसने एलपीजी की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है।’
इसमें कहा गया है कि 14 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि की गई है, जो अपने आप में इस बात का संकेत है कि कमी काफी गंभीर है।
इसमें कहा गया है कि देश भर में पांच लाख से अधिक रेस्तरां का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन’ ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर एलपीजी की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो रेस्तरां बंद होने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि इससे उन लोगों पर असर पड़ेगा जो यात्रा कर रहे हैं और चाय व खाने के लिए सड़क किनारे के ढाबों पर निर्भर हैं। घर से दूर लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
इसमें कहा गया है कि चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में एलपीजी की गंभीर कमी हो गई है और स्थिति को ‘बेहद चिंताजनक’ बताया गया है।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘आज पंजाब विधानसभा ने मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें उसकी गलत नीतियों के कारण पूरे देश को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है।’
चर्चा में भाग लेते हुए, आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण देश संकट का सामना कर रहा है।
केंद्र सरकार पर देश को ‘बर्बाद’ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि एलपीजी की कमी के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि एलपीजी की कमी की आशंका होटल और पर्यटन उद्योग को बुरी तरह प्रभावित करेगी और शादी के सीजन पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
बैंस ने कहा कि शादी समारोहों के लिए खानपान की व्यवस्था करने वाली कई कंपनियों ने अग्रिम रूप से ली गई धनराशि वापस करना शुरू कर दिया है।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव का समर्थन किया।
कांग्रेस नेता ने आशंका व्यक्त की कि जहां पहले से ही एलपीजी की कमी है, वहीं निकट भविष्य में ईंधन की कीमतें भी बढ़ने की आशंका है, क्योंकि ईरान के हार मानने को तैयार न होने के कारण युद्ध जारी रहने का अनुमान है।
केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए बाजवा ने कहा, ‘आज अमेरिका हमें रूस से एक महीने के लिए तेल खरीदने की अनुमति दे रहा है।’
इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण एलपीजी सिलेंडर की कमी की अफवाहों के मद्देनजर पंजाब सरकार सतर्क है।
मान ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को आवश्यक वस्तुओं को प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी की कमी की अफवाहें फैल रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक चिंता पैदा हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी न हो और लोगों को असुविधा न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाहें फैलाने, आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी करने या जनता के बीच दहशत पैदा करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
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