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Wednesday, 11 March, 2026
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बिल्डर-बैंक गठजोड़ : उच्चतम न्यायालय ने जांच में देरी को लेकर सीबीआई को फटकार लगाई

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नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य हिस्सों में घर खरीदारों को कथित तौर पर धोखा देने के वास्ते बैंकों और बिल्डरों के बीच ‘‘अनैतिक गठजोड़’’ की जांच में देरी के लिए सीबीआई को फटकार लगाई और कहा कि जांच में देरी से फ्लैट खरीदारों की परेशानी और बढ़ जाएगी।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के इस बयान पर आपत्ति जताई कि सब्सिडी योजना के तहत घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के कुछ मामलों को जांच के लिए राज्य एजेंसियों को स्थानांतरित किया जाए।

पीठ ने इन मामलों को राज्य एजेंसियों को हस्तांतरित करने से इनकार करते हुए सीबीआई को सभी मामलों की जांच करने और प्रारंभिक जांच को नियमित मामलों में बदलने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘यह अदालत जांच के निष्कर्ष के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं कर सकती।’’

उसने कहा, ‘‘जांच में देरी या इसे लंबा खींचने से घर खरीदारों की पीड़ा और बढ़ जाएगी, जो स्पष्ट रूप से बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के साथ मिलीभगत की वजह से पहले ही परेशान हैं।’’

शीर्ष अदालत 1,200 से अधिक घर खरीदारों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें से मुख्य याचिका हिमांशु सिंह ने वकील अक्षय श्रीवास्तव के माध्यम से दायर की थी।

इन घर खरीदारों ने एनसीआर, विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में सब्सिडी योजनाओं के तहत फ्लैट बुक किए थे। उनका आरोप है कि फ्लैटों का कब्जा न मिलने के बावजूद बैंक उन्हें किश्तें चुकाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

भाषा शफीक प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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