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Monday, 20 April, 2026
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विहिप ने केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का समर्थन किया

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नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बुधवार को छत्तीसगढ़ सरकार के धर्मांतरण निरोधक कानून को मंजूरी देने के फैसले का स्वागत किया। संगठन ने श्री बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के कदम का भी समर्थन किया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ फ़्रीडम ऑफ़ रिलिजन बिल 2026 का मसौदा मंजूर किया, जिसका उद्देश्य जबरदस्ती, लालच, धोखाधड़ी या गुमराह करने वाले तरीकों से धर्म परिवर्तन को रोकना है।

यह निर्णय बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने छत्तीसगढ़ सरकार को विधेयक मंजूर करने के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि इस कानून के तहत अपराधियों को सख्त दंड मिलेगा।

उन्होंने कहा, “धर्म परिवर्तन एवं ‘लव जिहाद’ की बढ़ती घटनाओं के कारण, विभिन्न राज्य सरकारों ने अपने-अपने विधानसभा अधिनियमों में संविधान के अनुरूप कानून बनाने का निर्णय किया है,… अब छत्तीसगढ़ समेत 12 से अधिक राज्यों में धार्मिक परिवर्तन और ‘लव जिहाद’ के मामलों में सख्त दंड दिया जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून राज्य में हिंदुओं की रक्षा करेगा और “धर्म परिवर्तन गिरोहों” की अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगा, जो उन्हें धर्म परिवर्तन करने और ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं।

बंसल ने श्री बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति के उस निर्णय का भी स्वागत किया, जिसके तहत केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिरों सहित इसके देख रेख में आने वाले अन्य मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय किया गया है।

मंदिर समिति ने इस साल जनवरी में बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था।

भाषा रंजन नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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