कोलकाता, 11 मार्च (भाषा) कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई अन्य स्थानों में बुधवार को रसोई गैस एजेंसियों के कार्यालयों और ऑटो के लिए एलपीजी गैस भरवाने वाले केंद्रों पर लंबी कतारें नजर आईं।
हालांकि ‘पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन’ के अधिकारियों ने कहा कि राज्य भर के सभी ‘फिलिंग स्टेशनों’ पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य रही।
पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के कारण एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि के बाद घरेलू उपभोक्ताओं में घबराहट है और खाना पकाने वाली गैस की मांग बढ़ गई, जिसके परिणामस्वरूप कोलकाता के विभिन्न हिस्सों और सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी सहित अन्य शहरों में गैस एजेंसी कार्यालयों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।
कोलकाता में एलपीजी से चलने वाले ज्यादातर ऑटो-रिक्शों की लंबी कतारें वितरण केंद्रों के बाहर देखी गईं। इस बीच चालकों ने शिकायत की कि उन्हें ईंधन लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
एलपीजी डीलरों ने कहा कि उन्हें इस समय ‘दो-सिलेंडर’ गैस कनेक्शन जारी न करने के निर्देश मिले हैं और संकट के कारण आपूर्ति धीमी है।
‘नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ के कोलकाता चैप्टर के प्रमुख पीयूष कांकरिया ने कहा कि बुधवार से शहर भर के भोजनालयों में खाना पकाने की गैस की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है।
वहीं सड़क किनारे स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों के मालिकों ने दावा किया कि उन्हें रसोई गैस सिलेंडर खुदरा मूल्य से लगभग दोगुने दाम पर खरीदने पड़ रहे हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक व्यवधानों को देखते हुए उसने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं।
भाषा शोभना नरेश
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