गुवाहाटी, 10 मार्च (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि असम के मुस्लिम “राजनीतिक रूप से” मियां मुसलमानों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय का एक तबका अब भाजपा का समर्थन कर रहा है।
शर्मा ने कहा कि असम के मुसलमानों ने समय-समय पर यह स्पष्ट किया है कि उनका धर्म समान हो सकता है, लेकिन वे मियां मुसलमानों से सांस्कृतिक रूप से अलग हैं।
उन्होंने यहां एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, “इस बार असम के मुसलमानों ने मन बना लिया है कि वे एक अलग समुदाय हैं, भले ही धर्म समान हो।”
मुख्यमंत्री से पूछा गया था कि क्या धार्मिक अल्पसंख्यक आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का समर्थन करेंगे, इसके बाद उनका यह बयान आया है।
दोनों समुदायों को उनकी मातृभाषा और मूल स्थान के आधार पर अलग करते हुए शर्मा ने कहा, “राजनीतिक रूप से, असम के मुसलमान मियां मुसलमानों के खिलाफ हैं। कई लोग टीवी पर परिचर्चा में कहते हैं कि धर्म भले समान हो, लेकिन उनकी संस्कृति अलग-अलग हैं।”
‘मियां’ मूल रूप से असम में बंगाली बोलने वाले मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, और गैर-बंगाली बोलने वाले लोग उन्हें आम तौर पर बांग्लादेशी प्रवासी बताते हैं ।
भाषा रंजन प्रशांत
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