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Tuesday, 10 March, 2026
होमदेशआजाद ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को देश के हित में बताया

आजाद ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को देश के हित में बताया

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नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) कांग्रेस के नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का सोमवार को पुरजोर समर्थन किया और कहा कि ऐसा कदम देश के हित में होगा क्योंकि इससे समय की बचत होगी, शासन में सुधार होगा और विकास में तेजी आएगी।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने के प्रावधान वाले विधेयकों पर विचार कर रही संसदीय संयुक्त समिति के समक्ष उपस्थित हुए आजाद ने यह भी कहा कि वह 1983 से एक साथ चुनाव के समर्थक रहे हैं, जब देश में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार थी।

उन्होंने भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष अपने विचार साझा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मैं लंबे समय से एक राष्ट्र एक चुनाव का समर्थक रहा हूं। 1983 में जब इंदिरा गांधी की सरकार थी, निर्वाचन आयोग ने सुझाव दिया था कि एक साथ चुनाव के मुद्दे पर विचार किया जा सकता है। मैंने उस विचार का समर्थन किया।’

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि तब से चुनावों की संख्या कई गुना बढ़ गई है और कांग्रेस के कई राज्यों के प्रभारी महासचिव के रूप में उन्हें राज्यों में चुनावों में भागीदार रहना पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘अक्सर ऐसा होता था कि जब एक चुनाव ख़त्म होता था तो दूसरा चुनाव आ जाता था। चुनाव प्रक्रिया कभी ख़त्म नहीं होती थी। यह बहुत कठिन था।’

आजाद का कहना है कि एक साथ चुनाव देश हित में होगा।

उन्होंने कहा, ‘लाखों अधिकारी चुनाव में शामिल होते हैं। अगर एक साथ चुनाव होंगे तो समय बचेगा और शासन में विकास और तेज सुधार होगा।’

चौधरी ने कहा कि आज़ाद ने ‘देश के हित में’ बात की और सुझाव दिया कि सभी को दलगत स्थिति से इतर इस पहल के लिए एक साथ आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक ही मतदाता सूची से विधानसभा और लोकसभा चुनाव होने से समय बचेगा और सरकारी संसाधन भी बचेंगे।

उन्होंने कहा, ‘जब अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं, तो सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को तैनात किया जाता है। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को परेशानी होती है।’

चौधरी ने कहा कि यहां तक कि कुछ विपक्षी सदस्यों ने भी एकल मतदाता सूची की मांग की।

चौधरी ने बताया, ‘आज की बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण ढंग से हुई। मैं आजाद साहब को धन्यवाद देना चाहता हूं।’

भाजपा नेता ने कहा कि आजाद के पास लंबा अनुभव है और उन्होंने सदस्यों के साथ अपने कानूनी और राजनीतिक अनुभव साझा किये। चौधरी ने कहा, उन्होंने सदस्यों की कई शंकाओं का समाधान किया।

भाषा हक अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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