चंडीगढ़, आठ मार्च (भाषा) हरियाणा की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को भूमि प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक अभिलेखों में सरकारी जमीनों के एकसमान नामकरण के महत्व पर जोर दिया।
जमाबंदी अभिलेखों में ‘प्रांतीय सरकार’ या भूमि के वास्तविक स्वामित्व के संबंध में भ्रम पैदा करने वाली प्रविष्टियों को रेखांकित करते हुए मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसी सभी प्रविष्टियों को ‘हरियाणा सरकार’ के रूप में दर्ज करें।
वित्तीय आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हरियाणा भूमि अभिलेख नियमावली, 2013 के अनुसार स्वामित्व प्रविष्टियों में सुधार करें।
मिश्रा ने यहां अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जमाबंदी में स्वामित्व और खेती संबंधी प्रविष्टियों को मानकीकृत करने से अस्पष्टता दूर होगी, जवाबदेही में सुधार होगा और सार्वजनिक भूमि प्रबंधन बेहतर होगा।
इस ढांचे की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विभागों से संबंधित भूमि को स्वामित्व वाले कॉलम में ‘हरियाणा सरकार’ के रूप में दर्शाया जाएगा।
मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार की ज़मीन को ‘केंद्र सरकार’ के तौर पर दर्ज किया जाएगा।
भाषा तान्या अविनाश
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