नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रोहिणी में नकली आईफोन ‘स्पेयर पार्ट्स (पुर्जे) और एक्सेसरीज’ को असली बताकर बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है और पांच दुकान मालिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
इस अभियान के दौरान लगभग 1.6 करोड़ रुपये मूल्य की नकली वस्तुएं जब्त की गईं।
पुलिस ने बताया कि रोहिणी सेक्टर तीन के एक मॉल और बाजार में स्थित पांच दुकानों पर छापेमारी के बाद यह कार्रवाई की गई, जहां से बड़ी मात्रा में नकली पुर्जे और सहायक उपकरण (एक्सेसरीज) बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इन नकली उत्पादों को असली बताकर ग्राहकों को बेच रहे थे।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश (दिनेश स्पेयर पार्ट के मालिक), शिवम सिंघल (सिंघल मोबाइल एक्सेसरीज के मालिक), शिवम (प्रधान जी कम्युनिकेशन के मालिक), पुनीत (सतगुरु एक्सेसरीज के मालिक) और रामकरण शर्मा (कंसल एक्सेसरीज एनएक्सटी के ऑपरेटर) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि छह मार्च को एक टीम को विशिष्ट सूचना मिली थी कि रोहिणी में कई दुकानें आईफोन के नकली पुर्जे और सहायक उपकरण को असली बताकर बेच रही हैं।
पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए एक टीम ने चिन्हित दुकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने बताया कि ऐप्पल के एक अधिकृत प्रतिनिधि को भी मौके पर बुलाया गया और वह छापेमारी दल के साथ ऑपरेशन में शामिल हुआ।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान, दुकान मालिक आईफोन उत्पाद बेचने के लिए ऐप्पल से कोई बिल या अधिकृत करने संबंधी पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा निरीक्षण करने पर, दुकानों से बड़ी मात्रा में आईफोन पुर्जे और सहायक उपकरण बरामद किए गए, जिनमें बैक पैनल, बॉडी, बैटरी, चार्जिंग फ्लेक्स, बैक कवर, एडेप्टर और यूएसबी केबल शामिल थे, जिन्हें नकली घोषित किया गया।
पुलिस ने विभिन्न आईफोन मॉडल के लगभग 1,000 बैक पैनल, 180 बॉडी, 228 बैटरी, 48 कैमरा और चार्जिंग फ्लेक्स कंपोनेंट, 738 बैक कवर, 14 एडेप्टर और 109 यूएसबी केबल जब्त किए हैं।
अधिकारी ने बताया कि बरामद नकली सामानों का अनुमानित मूल्य लगभग 1.6 करोड़ रुपये है।
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी काफी समय से ये कारोबार चला रहे थे और नकली उत्पाद आपूर्तिकर्ताओं और खुले बाजार से प्राप्त करते थे।
उन्होंने कहा कि टीम अब आपूर्ति श्रृंखला की पहचान करने और नकली उत्पादों के मूल स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
भाषा तान्या दिलीप
दिलीप
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