(फाइल फोटो के साथ)
नागपुर, आठ मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि विनायक दामोदर सावरकर वैज्ञानिक वैचारिक दृष्टिकोण वाले एक कट्टर देशभक्त थे और हिंदुत्व पर उनकी व्याख्या आज भी प्रासंगिक एवं उपयोगी है।
कांग्रेस के नेता एवं सांसद राहुल गांधी का स्पष्ट रूप से जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने एक बार सावरकर की आलोचना करने वाले एक ‘‘बड़े नेता’’ से कहा था कि अगर सावरकर महान नहीं हैं, तो देश में कोई भी महान नहीं है।
शनिवार को स्वातंत्र्य वीर सावरकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सावरकर सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को सम्मानित किया गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘वह न केवल एक कट्टर देशभक्त थे बल्कि एक उत्कृष्ट कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह एक आदर्श समाज सुधारक थे। सावरकर का वैचारिक दृष्टिकोण वैज्ञानिक था। हिंदुत्व के बारे में उन्होंने जो व्याख्या दी, वह आज भी बहुत उपयोगी और प्रासंगिक है।’’
उन्होंने बताया कि सावरकर की यह स्पष्ट राय थी कि हिंदू समाज में मौजूद जाति व्यवस्था और उसके विभाजन के साथ-साथ अस्पृश्यता को पूरी तरह से नष्ट कर देना चाहिए।
भाषा सुरभि सिम्मी
सिम्मी
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
