लखनऊ, सात मार्च (भाषा) सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी चाहती थी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब वह राज्यसभा सदस्य बनने जा रहे हैं।
उन्होंने शनिवार को यहां पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि जब सपा ने पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन किया था, तब पार्टी चाहती थी कि बसपा प्रमुख मायावती प्रधानमंत्री बनें।
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख ने कहा, ‘‘जब ‘इंडिया’ गठबंधन बना तो हम सब मिलकर नीतीश कुमार जी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। लेकिन जब बिहार का चुनाव हुआ तो हम लोगों ने कहा कि अब नीतीश जी प्रधानमंत्री के रूप में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवानिवृत्त होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी एक कदम और आगे निकल गई तथा अब उन्हें (नीतीश) राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त करेगी।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्याक) समुदाय से संबंधित लोगों का अपमान है। उन्होंने पत्रकारों से सवाल किया ‘‘आप लोग बताएं कि राज्यसभा सदस्य बड़ा है या मुख्यमंत्री।’’
अखिलेश के पीडीए का मतलब पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछड़ा वर्ग से आते हैं।
इससे पहले बृहस्पतिवार को नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य बनाए जाने की खबरों पर अखिलेश ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण! यह दिखने में राजनीतिक अपहरण है, लेकिन दरअसल यह बिहार का आर्थिक अपहरण है। भाजपा ने तो फिरौती में पूरा बिहार माँग लिया। अगला नंबर… समझदार को इशारा काफ़ी।’’
अमेरिका-ईरान विवाद पर एक सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘हम लोग पहली बार देख रहे हैं कि हमारी विदेश नीति भी विदेश के लोग तय कर रहे हैं। यह देश के लिए बहुत संकट की बात है। विदेश नीति विदेश के लोग तय नहीं कर सकते, भारत की विदेश नीति क्या होगी, यह भारत की सरकार और भारत के लोग तय करेंगे।’’
खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों के फंसे होने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जितने लोग खाड़ी देशों में है और वापस आना चाहते हैं, सरकार को जिम्मेदारी से उनको वापस लाना चाहिए।’’
प्रेसवार्ता से पूर्व कई लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
भाषा जफर नेत्रपाल
नेत्रपाल
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