गुवाहाटी/दीफू/जोरहाट, पांच मार्च (भाषा) वायुसेना के एक सुखोई-30 लड़ाकू विमान का बृहस्पतिवार शाम को जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर से गुजरते समय रडार से संपर्क टूट गया।
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने यह जानकारी दी।
रावत ने एक बयान में कहा, “वायुसेना का सुखोई-30 एमकेआई विमान लापता बताया जा रहा है। विमान ने असम के जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और आखिरी बार शाम 7:42 बजे रडार से संपर्क में था।”
रावत ने बताया कि रूसी मूल के इस लड़ाकू विमान का पता लगाने के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया गया है। पीआरओ ने बताया कि पायलट के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली।
इस बीच, कार्बी आंगलोंग जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बोकाजान उपमंडल के चोकीहोला इलाके के कुछ स्थानीय निवासियों ने दावा किया है कि एक विमान वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
उन्होंने कहा, “कुछ स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे हैं और उन्होंने कथित विमान दुर्घटना की कुछ तस्वीरें साझा की हैं। हम इसकी पुष्टि के लिए एक टीम भेज रहे हैं। फिलहाल हम किसी भी बात की पुष्टि नहीं कर सकते।”
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है, लेकिन वह अब तक वहां नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह क्षेत्र पहाड़ी और वनों से घिरा हुआ है। दुर्घटनास्थल का सटीक पता अभी नहीं चल पाया है। विस्तृत जानकारी वायुसेना जारी करेगी।”
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जोरहाट में स्थित वायु सेना अस्पताल से पांच एम्बुलेंस कार्बी आंगलोंग के लिए रवाना हो चुकी हैं।
सुखोई 30 एमकेआई दो सीट वाला लंबी दूरी का लड़ाकू विमान है, जिसे रूसी विमान निर्माता सुखोई ने विकसित किया था। अब भारत में लाइसेंस के तहत एचएएल इसका निर्माण करता है।
वायु सेना के पास ऐसे 260 से अधिक विमान हैं।
भाषा जोहेब शफीक
शफीक
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
