नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम के प्रभुत्व वाले विश्व का दौर खत्म हो चुका है और यह बदलाव साफ दिखाई है रहा है, हालांकि पश्चिमी देशों को इस बात को पूरी तरह से समझने में कुछ समय लगेगा।
नयी दिल्ली में आयोजित ‘रायसीना डायलॉग’ के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन के दौरान स्टब ने आगाह किया कि प्रभावी वैश्विक व्यवस्था नहीं होने पर खराब रिकॉर्ड वाले देश या समूह अपना वर्चस्व कायम करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा, “मेरा तर्क बहुत सरल है। मेरा मानना है कि ‘ग्लोबल साउथ’ तय करेगा कि अगली विश्व व्यवस्था कैसी होगी। और भारत इसमें एक प्रमुख ताकत होगा, यदि सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाला देश नहीं भी हुआ, तो यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि दुनिया टकराव वाली बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर जाएगी, जहां फैसले सौदों और हितों के आधार पर होंगे, या फिर सहयोग, निष्पक्षता और समानता वाली वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ेगी, जो अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, नियमों और कानूनों पर आधारित होगी।”
उन्होंने कहा, “इस बदलाव के दौर में भारत और अन्य प्रमुख शक्तियां जो नीतिगत फैसले लेंगी, वे बहुत महत्वपूर्ण होंगे। वे ही भविष्य की दिशा तय करेंगे।”
स्टब ने कहा कि दुनिया वैसे ही बदल रही है जैसे प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध और शीत युद्ध के बाद बदली थी, और इस बदलाव को स्थिर होने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक शक्ति संतुलन बदल चुका है।
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