चेन्नई, चार मार्च (भाषा) द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और कांग्रेस ने तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर बुधवार को मुहर लगा दी और इसके साथ ही, उनके गठबंधन को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया।
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने राज्य में सत्ता साझा करने की मांग रखी थी, जिसके बाद गठबंधन में मतभेद पैदा हो गए थे।
द्रमुक ने बातचीत के बाद कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 28 सीट और 16 मार्च को होने वाले द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव के लिए एक सीट आवंटित की। इस समझौते से पहले कांग्रेस और अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के बीच चुनावी गठबंधन पर जोर दिया जा रहा था, जबकि टीवीके ने कांग्रेस से अपने संबंध बढ़ाने के संकेत दिए थे।
द्रमुक के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुथंगाई ने द्रमुक मुख्यालय अन्ना अरिवलायम में औपचारिक रूप से यह सीट-बंटवारा समझौता किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर, द्रमुक के नेता टी.आर. बालू और कनिमोई भी बैठक में शामिल थे।
सेल्वापेरुथंगाई ने सीट-बंटवारे के समझौते पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की।
कांग्रेस ने अधिक सीट की मांग की थी, जिसको लेकर गठबंधन में तनाव था। हालांकि, मंगलवार को सेल्वापेरुथंगाई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के साथ अन्ना अरिवलायम में द्रमुक के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की।
पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत में सेल्वापेरुथंगाई ने कहा, ‘आज, कांग्रेस और द्रमुक ने सीट-बंटवारा समझौते को अंतिम रूप दिया। हमें 28 विधानसभा सीट और 1 राज्यसभा सीट आवंटित की गई है।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौते पर मुहर लगाने में कोई देरी हुई, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘एआईसीसी और द्रमुक ने सही समय पर सही निर्णय लिया है। मार्गदर्शन के आधार पर हमने समझौते पर हस्ताक्षर किए। हम बहुत प्रसन्न और संतुष्ट हैं।
सेल्वापेरुथंगाई और चोडणकर सत्ता साझा करने से जुड़े सवालों से बचते हुए दिखे।
हालांकि, हाल के दिनों में दोनों दलों के नेताओं ने सौहार्दपूर्ण संबंधों का प्रदर्शन किया था। इससे पहले कांग्रेस को अधिक सीट देने पर पार्टी नेताओं के जोर और विरुधुनगर के सांसद मणिकम टैगोर समेत कुछ नेताओं की सत्ता साझा करने की मांग ने द्रमुक को असहज कर दिया था। द्रमुक ने स्पष्ट कर दिया था कि गठबंधन सहयोगियों को मंत्रिमंडल में शामिल करना संभव नहीं है।
सत्ता साझा करने को लेकर बहस के दौरान कांग्रेस और द्रमुक के कुछ नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, इस मामले पर द्रमुक अपने रुख पर कायम रही।
एक सवाल के जवाब में, तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आलाकमान बहुत जल्द राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा करेगा।
पुडुचेरी में सीट-बंटवारे पर बातचीत के बारे में चोडणकर ने कहा कि प्रारंभिक बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘हम बस आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।”
द्रमुक तमिलनाडु में 21 दलों के सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) का नेतृत्व कर रही है, जिसमें कांग्रेस, वामपंथी दल, डीएमडीके और एमडीएमके शामिल हैं।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है।
भाषा जोहेब सुभाष
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