रायपुर, चार मार्च (भाषा) भारत सरकार के संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 3,942 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि संचार मंत्रालय द्वारा संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के अंतर्गत मिली यह मंजूरी राज्य के डिजिटल आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ की 11,682 ग्राम पंचायतों को ‘रिंग टोपोलॉजी’ के माध्यम से जोड़ा जाएगा। रिंग टोपोलॉजी आधारित यह नेटवर्क संरचना अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ग्रामीण डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा, ऑनलाइन शिक्षा को मजबूती मिलेगी, टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी और ग्रामीण युवाओं एवं उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नयी जीवनरेखा है। इससे शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी, सेवाओं की उपलब्धता तेज होगी और गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।’’
अधिकारियों ने बताया कि साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भाषा संजीव खारी
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