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Friday, 6 March, 2026
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अधिक जोखिम वाले इलाकों से गुजरने पर जहाजों को देना होगा अधिक प्रीमियमः विशेषज्ञ

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नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच मालवाहक जहाजों के लिए युद्ध जोखिम से जुड़ा बीमा प्रीमियम बढ़ने की आशंका जताते हुए विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा कि अधिक जोखिम वाले इलाकों से गुजरने वाले जहाजों को अब अतिरिक्त प्रीमियम चुकाना होगा।

पॉलिसीबाजार के प्रमुख (समुद्री बीमा) बालसुंदरम आर. ने कहा, ‘‘कच्चे तेल और एलएनजी के परिवहन में शामिल शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) के जहाजों की लाल सागर जैसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों से गुजरने पर युद्ध जोखिम कवरेज हासिल करने पर लागत बढ़ सकती है।’’

बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध जोखिम और हड़ताल, दंगे तथा नागरिक अशांति कवर के लिए बीमा कंपनियां आमतौर पर तीन से सात दिन के नोटिस पर कवरेज रद्द कर सकती हैं।

प्रूडेंट इंश्योरेंस ब्रोकर्स के समुद्री विशेषज्ञता प्रमुख गौरव अग्रवाल ने कहा कि हाल ही में जहाज पर युद्ध कवरेज रद्द करने का नोटिस जारी किया गया है और मालवाहक बीमा पर भी ऐसा कदम जल्द उठाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बीमा कवरेज रद्द होने के बाद नया युद्ध जोखिम कवर उपलब्ध भी होता है, तो उसकी कीमत काफी अधिक हो सकती है।

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईबीएआई) के हरि राधाकृष्णन ने कहा कि कुछ मामलों में प्रीमियम दर 0.25–0.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग एक प्रतिशत तक पहुंच गई हैं। इससे ढुलाई लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वैश्विक व्यापार प्रवाह पर असर पड़ेगा।

बीमा सलाहकारों का मानना है कि संघर्ष लंबा चलने की स्थिति में जहाज खेप की लागत, ढुलाई खर्च और जोखिम प्रीमियम दोनों बढ़ जाएंगे। पहले से रवाना हुए कई जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खड़े होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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