जयपुर, तीन मार्च (भाषा) राजस्थान में होली का पर्व मंगलवार को उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। हालांकि, चंद्रग्रहण के कारण धुलंडी की तिथि को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति रही। कई लोगों ने मंगलवार को ही रंग खेलकर त्योहार मनाया, जबकि कुछ स्थानों पर बुधवार को धुलंडी मनाई जाएगी।
इससे पहले तड़के प्रदेशभर में होलिका दहन की रस्में निभाई गईं।
राज्यभर में लोगों ने मोहल्लों में एकत्र होकर होलिका दहन किया। श्रद्धालुओं ने अग्नि की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की।
मंगलवार सुबह शहरों और कस्बों की गलियां गुलाल से रंगीन नजर आईं। लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं देते दिखे।
जयपुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोविंद देवजी मंदिर पहुंचे, जहां विशेष होली कार्यक्रम आयोजित किया गया। भक्तों ने भजन और लोकगीतों पर नृत्य किया तथा फूलों और रंगों से उत्सव मनाया।
राजस्थान पर्यटन विभाग ने खासाकोठी होटल परिसर में पर्यटकों के लिए वार्षिक होली उत्सव का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटकों ने भाग लिया।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर प्राकृतिक गुलाल की व्यवस्था की गई थी।
विदेशी मेहमान डीजे पर थिरकते नजर आए, वहीं राजस्थानी लोक कलाकारों ने घूमर, कालबेलिया, चकरी और कच्छी घोड़ी जैसे पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। पर्यटकों का स्वागत तिलक, गुलाल और आरती से किया गया तथा भोजन और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विभाग हर वर्ष खासाकोठी में धुलंडी का आयोजन करता है, ताकि पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव कराया जा सके।
भाषा बाकोलिया
मनीषा खारी
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