चंडीगढ़, दो मार्च (भाषा) हरियाणा की सड़कों पर तैनात पुलिस कर्मियों को अगले तीन वर्षों में ‘बॉडी कैमरा’ से लैस किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए अगले साल ऐसे 5,000 कैमरों की खरीद का प्रस्ताव किया।
अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोहारू, बरवाला, नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में सात महिला पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे, जबकि सोनीपत, गोहाना और बहादुरगढ़ में तीन नये साइबर अपराध पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे।
बजट भाषण में उन्होंने कहा, ‘‘मैं अगले वर्ष ऐसे 5,000 कैमरे खरीदने का प्रस्ताव करता हूं, जिनसे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सभी गतिविधियों को इन कैमरों के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा।’’
सैनी ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, पुलिस महानिरीक्षक रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में एक आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) का गठन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक एटीएस पुलिस थाना स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एटीएस में महिला कमांडो को शामिल करने का भी प्रावधान किया जाएगा।
सैनी ने सदन को यह भी बताया कि फतेहाबाद, चरखी दादरी और पंचकूला में जिला जेलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि रोहतक को एक उच्च सुरक्षा वाली जेल मिलेगी।
बजट पेश करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाना है, जिसमें महिलाओं, युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और उद्यमियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री सदन में प्रवेश करते समय भगवा रंग की पगड़ी पहने हुए थे और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘जो बोले सो निहाल’ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बजट को ‘‘वास्तविकता से परे बयानबाजी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने राज्य को 55 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज के बोझ तले दबा दिया है।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले ग्यारह वर्षों में राज्य के कर्ज के बोझ को लगातार बढ़ाया है और इस मुद्दे पर श्वेत पत्र की मांग की।
हुड्डा ने दावा किया कि आंतरिक ऋण, लघु बचत, सार्वजनिक क्षेत्र के ऋण और लंबित बिजली बिल और सब्सिडी सहित राज्य की कुल देनदारियां लगभग 55 लाख करोड़ रुपये हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह गंभीर वित्तीय दबाव और अर्थव्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर रोजगार सृजन और महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल रहने और प्रति व्यक्ति आय वृद्धि के अपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार के दौरान प्रति व्यक्ति आय लगभग 37,000 रुपये से बढ़कर लगभग 1.50 रुपये हो गई थी, यानी चार गुना वृद्धि हुई। जबकि, भाजपा के 10 वर्षों के शासनकाल में यह केवल दो गुना बढ़ी।’’
भाषा सुभाष शफीक
शफीक
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