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Monday, 2 March, 2026
होमखेलहर विभाग में मजबूती के साथ दक्षिण अफ्रीका विश्व कप जीतने के लिए दृढ़ संकल्प : बावुमा

हर विभाग में मजबूती के साथ दक्षिण अफ्रीका विश्व कप जीतने के लिए दृढ़ संकल्प : बावुमा

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… अमित आनंद …

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट और वनडे कप्तान तेम्बा बावुमा ने टीम को मौजूदा टी20 विश्व कप का मजबूत दावेदार करार देते हुए कहा कि उसने अपनी सभी खामियों को दूर किया है और उसके पास हर विभाग में मैच का पासा पलटने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। पिछले टी20 विश्व कप की उपविजेता दक्षिण अफ्रीका मौजूदा प्रतियोगिता में सुपर आठ चरण तक अजेय रहने वाली इकलौती टीम है। बावुमा ने टीम की बागडोर संभाल रहे एडेन मारक्रम, मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज डेविड मिलर और तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी की तारीफ की। दक्षिण अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब दिला कर ‘चोकर’ का तमगा काफी हद तक कम करने वाले इस खिलाड़ी ने रविवार को यहां अरुण जेटली स्टेडियम में ‘भाषा’ को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘ मैं इस विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के प्रदर्शन से काफी रोमांचित हूं। टीम खेल के हर पहलू में काफी मजबूत है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में कोई कमी नहीं है और खिलाड़ी खिताब जीतने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’’ दक्षिण अफ्रीका के सामने चार मार्च को कोलकाता में खेले जाने वाले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की चुनौती होगी और बावुमा का मानना है कि टीम को अहमदाबाद और दिल्ली में खेलने के बाद नये शहर की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘टीम की अगली चुनौती सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड का सामना करना है। यह मैच कोलकाता में होगा और टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना होगा। हमने वहां हाल ही में टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद है टीम अपनी लय को जारी रखेगी।’’ उन्होंने कहा कि विश्व कप का फाइनल अहमदाबाद है और उनकी टीम वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह से वाकिफ है। बावुमा ने कहा, ‘‘ हम अगर न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में पहुंचने में सफल रहे तो टीम को अहमदाबाद में खेलने का फायदा मिल सकता है। । टीम ने अपने ज्यादातर मैच अहमदाबाद में खेले है और मुझे लगता है उनका शिविर भी वहीं लगा था। वे वहां की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और अगर वे फाइनल में जाते हैं तो उससे उन्हें फायदा होगा।’’ दक्षिण अफ्रीका के ज्यादातर खिलाड़ियों ने इस विश्व कप में अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन कर दबाव को हावी नहीं होने दिया है। बावुमा ने टीम के एक्स फैक्टर (अहम मौके पर अच्छ प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी) के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘टीम के लगभग सभी खिलाड़ी लय में है। हमारे कप्तान (एडेन मारक्रम) जिम्मेदारी से टीम का नेतृत्व करने के साथ बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर मिसाल कायम कर रहे हैं। इसका टीम पर काफी असर पड़ता है। लुंगी एनगिडी कमाल रहे हैं। उनके पास मैच में कभी भी विकेट निकालने की क्षमता है । वह धीमी गेंदों का शानदार तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। रेयान रिकेल्टन और डेविड मिलर भी बेहतरीन लय में हैं।’’ मारक्रम ने इस विश्व कप के सात मैचों में 175 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 268 जबकि रिकेल्टन ने 171.42 की स्ट्राइकरेट से 228 रन बनाये हैं। मिलर ने 158 के स्ट्राइक रेट और 84 की औसत से 168 रन बनाये है जिसमें भारत के खिलाफ 35 गेंद में 63 रन की आक्रामक पारी शामिल है। बावुमा ने कहा कि मिलर देश के लिए कुछ बड़ा करने को लेकर प्रेरित है। उन्होंने कहा, ‘‘ मध्यक्रम में डेविड मिलर अहम भूमिका निभा रहे हैं। वह युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी से रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस और ट्रिस्टन स्टब्स अपना नैसर्गिक खेल खेल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी खिलाड़ी का अनुभव तभी मायने रखता है जब वह टीम के लिए अपना योगदान दे। मिलर ने परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है। मिलर देश के लिए कुछ बड़ा करने को लेकर बेहद प्रेरित हैं।’’ अनुभवी कागिसो रबाड़ा का प्रदर्शन उनकी ख्याति के मुताबिक नहीं रहा है लेकिन एनगिडी (छह मैचों में 12 विकेट), मार्को यानसन (पांच मैचों में 11 विकेट) और कोर्बिन बोश ( छह मैचों में 11 विकेट) ने प्रतिद्वंद्वी टीमों के बल्लेबाजों को परेशान किया है। इसमें से अपनी धीमी गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले एनगिड़ी और बोश का इकोनोमी रेट सात से भी कम रहा है। टी20 विश्व कप के लिए आईसीसी के कमेंटेटर पैनल में शामिल बावुमा ने कहा, ‘‘हमारे गेंदबाजों ने हर चरण में विकेट चटकाने की मानसिकता के साथ गेंदबाजी की है।’’ उन्होंने एनगिडी की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘एनगिडी टी20 प्रारूप में हमेशा प्रभावी गेंदबाज रहे हैं। उनकी धीमी गेंद काफी कारगर रही है लेकिन अब फर्क यह है कि वह अपनी रफ्तार में मिश्रण और विविधता पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं। वह आत्मविश्वास के साथ धीमी गेंद डाल रहे हैं। उनका मानसिक दृष्टिकोण बदला है और अब वह सिर्फ रन रोकने नहीं, बल्कि विकेट लेने के इरादे से गेंदबाजी कर रहे हैं। यही बदलाव उनके प्रदर्शन में दिख रहा है।’’ भाषा आनंद पंतपंत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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