नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने जनकपुरी में 25-वर्षीय एक मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी मजदूर की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने कहा कि “प्रारंभिक तौर पर जानबूझकर लापरवाही” की बात सामने आई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) हरजोत सिंह औजला ने मजदूर योगेश की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मानव जीवन के महत्व और जांच का तकाजा है कि ऐसे मामलों को किसी हस्तक्षेप से दूर रखा जाए।
अदालत ने 28 फरवरी को पारित आदेश में कहा, “आवेदक अपनी आर्थिक पृष्ठभूमि और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने के कारण निस्संदेह सहानुभूति का पात्र है; लेकिन आरोपों से प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि एक चूक हुई, जिसे छिपाया गया। ऐसे में करुणा को ध्यान में रखते समय लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
पांच फरवरी की रात मोटरसाइकिल से यात्रा करते वक्त गड्ढे में गिरकर रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी (25) की मृत्यु हो गई थी।
मजदूर योगेश (23) को कथित रूप से पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को सूचना न देने तथा खोज के दौरान पीड़ित के परिवार को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
भाषा जोहेब सुरेश
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