बेंगलुरु, एक मार्च (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार इजराइल और ईरान के बीच जारी सशस्त्र संघर्ष से पैदा हुई स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और फंसे लोगों, खासकर कर्नाटक के छात्रों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि सूचना मिली है कि विभिन्न जिलों के कई छात्र उस क्षेत्र में गए थे और बढ़ते संघर्ष के कारण वापस नहीं लौट पा रहे हैं।
परमेश्वर ने कहा, “चिकबल्लापुरा जिले से करीब 150 लोग- सभी स्कूली बच्चे और कॉलेज छात्र वहां गए हैं। हमें सूचना मिली है कि वे वहां फंसे हैं। हम उनसे संपर्क करने की कोशिश करेंगे। जो भी मदद चाहिए, राज्य सरकार देने को तैयार है। हम संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क करेंगे।”
देशों के बीच बार-बार होने वाले संघर्षों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा, “ये देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मामले हैं। कुछ देश एक-दूसरे की नीतियों के खिलाफ मुद्दे उठाते रहे हैं। अब मामला इस स्तर पर आ गया है कि इसमें ईरान, अमेरिका और इजराइल शामिल हैं। हम देखना होगा कि इसका समाधान होता है या यह और बढ़ता है।”
नागरिकों की मौत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह “दुर्भाग्यपूर्ण” है कि बच्चों सहित करीब 85 लोगों की जान गई है।
संघर्ष के दौरान स्कूलों को निशाना बनाए जाने की खबरों पर परमेश्वर ने कहा कि देशों से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति का समाधान जल्द हो जाएगा।
रूस-यूक्रेन के बाद अब अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “यह अच्छा संदेश नहीं है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हमने ऐसी स्थिति नहीं देखी। अब यह एक के बाद एक बढ़ता जा रहा है। मानवता के हित में इसे और नहीं बढ़ना चाहिए।”
भाषा खारी नरेश
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