महासमुंद, एक मार्च (भाषा) माओवदियों के संगठन में विशेष क्षेत्रीय समिति स्तर के सदस्य विकास सहित पंद्रह नक्सलियों ने रविवार को महासमुंद जिले में सुरक्षाकर्मियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में नौ महिलाएं भी शामिल हैं। ये नक्सली प्रतिबंधित संगठन के बालांगीर-बरगढ़-महासमुंद डिवीजन से संबंधित थे और छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सक्रिय थे।
छत्तीसगढ़ के गृह विभाग की भी जिम्मेदार संभाल रहे शर्मा ने इस घटनाक्रम को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने रायपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘आज का पुनर्वास बहुत महत्वपूर्ण है। बालांगीर-बरगढ़-महासमुंद डिवीजन के पंद्रह नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस डिवीजन में केवल 15 सदस्य बचे थे, और उन सभी ने अब हथियार डाल दिए हैं।’’
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में माओवादी संगठन में विशेष क्षेत्रीय समिति स्तर का सदस्य विकास भी शामिल है। वह माओवादी संगठन की पश्चिमी उप-क्षेत्रीय शाखा के सचिव के रूप में कार्यरत था।
शर्मा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में छह पुरुष और नौ महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने तीन एके-47 राइफल, दो सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), दो इंसास राइफल और तीन .303 राइफल सहित हथियार भी सौंपे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करने से पहले बुधवार रात को समूह ने सुरक्षाबलों से संपर्क स्थापित कर लिया था।
उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में 532 माओवादियों को मार गिराया गया है, 2,700 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है और लगभग 2,000 को गिरफ्तार किया गया है।
केंद्र सरकार ने इस साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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