भुवनेश्वर, 28 फरवरी (भाषा) ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने शनिवार को वरिष्ठ नेता प्रभात रंजन बिस्वाल को अनुशासनहीनता और दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया।
यह कार्रवाई पूर्व विधायक बिस्वाल द्वारा आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए संतृप्त मिश्रा को बीजद उम्मीदवार नामित करने के पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक के फैसले का विरोध करने के कुछ घंटों बाद हुई।
एक कार्यालय आदेश में, बीजद उपाध्यक्ष (मुख्यालय) प्रताप जेना ने कहा, “बीजू जनता दल के राज्य परिषद सदस्य प्रभात रंजन बिस्वाल को अनुशासनहीनता और दल-विरोधी गतिविधियों के लिए तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।”
तीन बार विधायक रह चुके बिस्वाल पटनायक के आवास गए थे, जहां राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई थी। उनके साथ उनके बेटे सौविक बिस्वाल भी थे, जो बीजद विधायक हैं।
सूत्रों के अनुसार, घोषणा के समय बिस्वाल पटनायक से कुछ कहना चाहते थे, लेकिन उनका प्रयास विफल रहा। उन्हें बताया गया कि पटनायक उनसे बाद में बात करेंगे।
हालांकि, बिस्वाल ने कथित तौर पर मिश्रा की उम्मीदवारी का खुले तौर पर विरोध किया, जबकि बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने पहले ही पटनायक को राज्यसभा उम्मीदवार पर निर्णय लेने का अधिकार दे दिया था।
पीएसी सदस्य प्रमिला मल्लिक ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव के संबंध में पटनायक जो भी निर्णय लेंगे, बीजद के सभी विधायक और सांसद उनका समर्थन करेंगे। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, बिस्वाल एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने पटनायक के फैसले का खुले तौर पर विरोध किया।
निष्कासन के बाद बिस्वाल ने कहा, “मैंने पार्टी के लिए बहुत मेहनत की है। लेकिन जिस तरह से कुछ नेताओं को पदोन्नत किया जा रहा है, वह स्वीकार्य नहीं है। मैं बीजद अध्यक्ष को पत्र लिखूंगा और कुछ मामलों पर उनसे चर्चा करना चाहता हूं।”
बीजद सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी प्रमुख के फैसले को चुनौती देने के लिए बिस्वाल की आलोचना की। सामंतराय ने आरोप लगाया, ‘2012 में पटनायक के खिलाफ नाकाम तख्तापलट की कोशिश में बिस्वाल की अहम भूमिका थी।’
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राखी प्रशांत
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