(कोमल शर्मा)
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) विश्व बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यहां कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकास व्यय को अधिक कुशल और रोजगारोन्मुखी बनाने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करती है।
विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026 में ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में विश्व बैंक में पर्यावरण मामलों की वैश्विक निदेशक वैलेरी हिक्की ने यहां कहा कि आज प्रौद्योगिकी वह जगह है जहां ‘‘नवाचार और अवसर मिलते हैं,’’ तथा यह सरकारों एवं परिवारों को सटीक, सुलभ एवं किफायती डेटा के माध्यम से बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सूखा, बाढ़ और अत्यधिक गर्मी के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत कर सकती है, जिससे नीति निर्माताओं और समुदायों को पहले से तैयारी करने एवं नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
हिक्की ने कहा, ‘‘आज प्रौद्योगिकी वह जगह है जहां नवाचार और अवसर मिलते हैं। और यह बात विशेष रूप से तब सच साबित होती है जब हम रोजगार सृजन के बारे में सोचते हैं। हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि सीमित विकास संसाधनों और सार्वजनिक बजट का अधिकतम उपयोग हो सके।’’
विकास और जलवायु कार्रवाई के बीच संबंध पर प्रकाश डालते हुए, हिक्की ने कहा कि विश्व बैंक जलवायु को रक्षात्मक एजेंडा के बजाय ‘‘अवसर के एजेंडा’’ के रूप में देखता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु और विकास एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते।’’ उन्होंने कहा कि यह संस्था तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है – मूलभूत बुनियादी ढांचे का निर्माण, मजबूत और पूर्वानुमानित नीतियों को सक्षम बनाना और निजी पूंजी जुटाना।
नयी जलवायु प्रौद्योगिकियों को परिवर्तनकारी बताते हुए, हिक्की ने कहा कि वे ऊर्जा तक पहुंच का विस्तार कर रही हैं, कृषि का आधुनिकीकरण कर रही हैं और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को मजबूत कर रही हैं, विशेष रूप से उन कमजोर समुदायों के लिए जो लू, सूखा और बाढ़ के प्रभावों का सबसे पहले सामना करते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुकूलन केवल संरक्षण के बारे में नहीं है, बल्कि विकास और रोजगार सृजन के बारे में भी है।
उनके अनुसार, अकेले स्वास्थ्य सेवा में सुधार से ही वैश्विक स्तर पर लाखों नौकरियां पैदा करने की क्षमता है, साथ ही युवाओं के लिए सम्मानजनक कार्य के अवसर सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के सबसे जरूरी कदम के बारे में पूछे जाने पर, हिक्की ने कहा कि वास्तव में यह रोजगार सृजन और अवसरों की योजना बनाने के बारे में सोचना है।
उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन को एक समस्या के रूप में देखना बंद करें। इसे अवसरों के उत्प्रेरक के रूप में देखें।’’
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नेत्रपाल रंजन
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