मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि फूलों के बाजार फलने-फूलने चाहिए क्योंकि फूल ‘सनातन धर्म’ में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
फडणवीस ने कहा कि राज्य में कृत्रिम फूलों पर मौजूदा प्रतिबंध को लेकर स्पष्टता लाने के लिए जल्द ही एक सरकारी आदेश जारी किया जाएगा।
सरकार ने जुलाई 2025 में कृत्रिम फूलों के उपयोग, बिक्री और वितरण पर राज्यव्यापी प्रतिबंध की घोषणा की थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक विक्रम पचपुते और अन्य ने राज्य विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रतिबंध के बावजूद बाजार में कृत्रिम फूलों की अवैध बिक्री का मुद्दा उठाया।
इस पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए फडणवीस ने चेतावनी दी कि सजावट के लिए कृत्रिम फूलों का उपयोग करने वाले पेशेवरों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम फूलों का कारोबार फूल उत्पादकों और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है।
फडणवीस ने कहा, ‘कृत्रिम फूलों पर मौजूदा प्रतिबंध को स्पष्ट करने के लिए जल्द ही एक सरकारी आदेश जारी किया जाएगा। फूलों के बाजार फलने-फूलने चाहिए क्योंकि सनातन धर्म में फूलों का बहुत महत्व है।’
फडणवीस ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ नगर निकाय की कार्रवाई के कारण कुछ फूल बाजार बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों को प्राकृतिक फूलों की बिक्री से जुड़े बाजारों को फिर से शुरू करने का आदेश देंगे।
इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) नेता जयंत पाटिल ने कहा, ‘पूरे राज्य में प्राकृतिक फूलों की गिरती कीमतों के कारण फूल उत्पादक किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति का मुख्य कारण कृत्रिम फूलों का बढ़ता उपयोग है।’
उन्होंने कृत्रिम फूलों पर मौजूदा प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
पाटिल ने कहा कि फूल उत्पादक ग्रीनहाउस में भारी निवेश करते हैं और बड़े पैमाने पर प्राकृतिक फूलों की खेती करते हैं। पाटिल ने कहा कि हालांकि, बाजार में कृत्रिम फूलों के बढ़ते उपयोग के कारण उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कृत्रिम फूलों की बिक्री को पूरी तरह से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। राज्य के पूर्व मंत्री पाटिल ने कहा कि हाल ही में मुंबई के दादर इलाके में फूल बाजार से फूल विक्रेताओं को निकाय प्राधिकारियों ने हटा दिया था, जिसके विरोध में महानगर के फूल व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
पाटिल ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल कदम उठाने और फूलों के व्यापार को सुचारू रूप से बहाल करना सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया।
भाषा अमित रंजन
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