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Sunday, 8 March, 2026
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पाकिस्तान ने आईएमएफ से जिस राहत पैकेज का अनुरोध किया, जम्मू कश्मीर का विकास बजट उससे दोगुना: भारत

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(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र/ जिनेवा, 26 फरवरी (भाषा) भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि पड़ोसी देश ‘‘खयाली दुनिया’’ में जी रहा है और उसे यह अविश्वसनीय लगता है कि जम्मू कश्मीर का विकास बजट, उस राहत पैकेज की राशि के दोगुने से भी अधिक है जो इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मांगा था।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें नियमित सत्र के उच्च स्तरीय खंड में पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद जवाब देने के अधिकार का बुधवार को इस्तेमाल किया।

उन्होंने इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘उच्च स्तरीय खंड के दौरान पाकिस्तान और ओआईसी द्वारा भारत के संदर्भ में की गई टिप्पणियों के बाद भारत अपना जवाब देने का अधिकार इस्तेमाल करने के लिए बाध्य है। हम इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं।’’

सिंह ने कहा कि ऐसे देश से लोकतंत्र पर उपदेश सुनना अटपटा है जहां असैन्य सरकारें शायद ही कभी अपना कार्यकाल पूरा करती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी बातें खोखली लगती हैं। आम चुनावों और विधानसभा चुनावों के दौरान जम्मू कश्मीर में रिकॉर्ड मतदान इस बात का प्रमाण है कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने पाकिस्तान द्वारा प्रचारित आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को खारिज कर दिया है और वे विकास एवं लोकतंत्र के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।’’

सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में दुनिया के जिस सबसे बड़े पुल- चिनाब रेल पुल का पिछले साल उद्घाटन किया गया था, यदि वह फर्जी है तो फिर पाकिस्तान भ्रम या खयाली दुनिया में जी रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘या पाकिस्तान को शायद यह अविश्वसनीय लगता है कि जम्मू कश्मीर के विकास बजट की राशि उस राहत पैकेज की राशि के दोगुने से भी अधिक है जो पाकिस्तान ने आईएमएफ से मांगा है।’’

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) के तहत पाकिस्तान को पिछले साल लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर जारी किए जाने को मंजूरी दी थी, जिससे इस व्यवस्था के तहत कुल जारी राशि लगभग 2.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई।

सिंह ने कहा, ‘‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद के जरिए क्षेत्र को अस्थिर करने के पाकिस्तान के प्रयासों के बावजूद जम्मू कश्मीर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह ऐसे मंच पर इस प्रकार की दिखावटी बयानबाजी कर अपनी स्थिति को छुपाने की कोशिश करने के बजाय अपने आंतरिक संकटों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करे – दुनिया उसके इस दिखावे को भली-भांति समझती है।’’

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के दुष्प्रचार को ‘‘तोते की तरह दोहराकर’’ ओआईसी केवल यह दर्शाता है कि उसने खुद को एक सदस्य द्वारा कितनी गहराई से प्रभावित होने दिया है।

सिंह ने कहा, ‘‘पाकिस्तान का निरंतर दुष्प्रचार अब ईर्ष्या से भरा हुआ प्रतीत होता है। हम ऐसे दुष्प्रचार को महत्व नहीं देना चाहते लेकिन हम कुछ बिंदु रखेंगे और तथ्यों के आधार पर इसका खंडन करेंगे।’’

भारत ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान की कोई भी मनगढ़ंत बयानबाजी या दुस्साहसी दुष्प्रचार इस अटल तथ्य को बदल नहीं सकता कि जम्मू कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अपरिवर्तनीय है तथा यह भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (1947) एवं अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दरअसल, इस क्षेत्र के संबंध में एकमात्र लंबित विवाद पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्रों पर अवैध कब्जा है। हम पाकिस्तान से इन क्षेत्रों को खाली करने का आह्वान करते हैं, जिस पर उसने जबरन कब्जा कर रखा है।’’

भाषा

सिम्मी अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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