नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सरकार यूरोप में रीच और ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम)’ जैसे नियमों के अनुपालन के लिए सूक्ष्म और छोटे निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी प्राप्त करने में आने वाली लागत का एक बड़ा हिस्सा वित्तपोषित करेगी, जिससे उन्हें निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
यह सहायता 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत दी जा रही है। मिशन के ‘ट्रेड रेगुलेशंस, एक्रीडिटेशन और कंप्लायंस एनेबलमेंट (टीआरएसीई)’ प्रावधान के तहत निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय परीक्षण, निरीक्षण, प्रमाणन और अन्य नियमों का पालन कराने में मदद मिलेगी।
पात्र परीक्षण, निरीक्षण और प्रमाणन खर्च के लिए 75 प्रतिशत तक आंशिक प्रतिपूर्ति दी जाएगी, और प्रति आयातक-निर्यातक कोड (आईईसी) की सालाना सीमा 25 लाख रुपये तय की गई है।
नेशनल क्वॉलिटी कॉन्क्लेव में गोयल ने कहा, ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत हमने कोष का प्रावधान किया है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी प्राप्त करने के लिए, विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु इकाइयों को जहां भी जरूरत हो, सरकार आपकी उस प्रक्रिया का खर्च उठाएगी, चाहे वह कितनी भी महंगी क्यों न हो।’
उन्होंने कहा, “इसका बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा सूक्ष्म और छोटे उद्योगों का समर्थन करने के लिए दिया जाएगा।’
भाषा योगेश अजय
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