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कोलकाता, 22 फरवरी (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पश्चिम बंगाल की अपनी समकक्ष ममता बनर्जी पर घुसपैठियों की पहचान रोकने के इरादे से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद को बाधित करने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करने का रविवार को आरोप लगाया।
रेखा ने दावा किया कि राज्य की जनता ने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला शाखा की ओर से कोलकाता के साइंस सिटी सभागार में आयोजित ‘नारी संकल्प यात्रा’ की प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि तृणमूल सरकार की “हस्तक्षेप न करने” और तुष्टीकरण की नीतियों के कारण हाल के वर्षों में हजारों घुसपैठियों को राज्य में प्रवेश करने का मौका मिला है।
उन्होंने दावा किया कि इससे वास्तविक नागरिकों के पानी, बिजली, राशन, शिक्षा, आजीविका और मताधिकार जैसे बुनियादी अधिकार प्रभावित हुए हैं।
गुप्ता ने कहा, “वह (ममता) इसे जारी रखना चाहती हैं, इसीलिए घुसपैठियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही एसआईआर कवायद को रोकने की कोशिश कर रही हैं। कल्पना कीजिए कि एक मुख्यमंत्री निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही कवायद को चुनौती देने के लिए शीर्ष अदालत का रुख करती हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन के तहत तुष्टीकरण की राजनीति “खतरनाक स्तर” पर पहुंच गई है।
गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त प्रतिक्रिया देने में विफल रही है।
उन्होंने दुर्गापुर में एक महिला चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और कोलकाता के एक कॉलेज परिसर में कानून की छात्रा के साथ हुई दुष्कर्म की घटना का भी जिक्र किया और दावा किया कि अपराधियों को महिलाओं के खिलाफ क्रूरता करने का हौसला मिला है।
राज्य सरकार की कल्याणकारी पहलों की आलोचना करते हुए गुप्ता ने कहा कि कन्याश्री जैसी योजनाएं “झूठे दावों” पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आश्वासनों के बजाय सुरक्षा की जरूरत है।
गुप्ता ने राज्य सरकार पर केंद्रीय योजनाओं को बाधित करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना और जलजीवन मिशन जैसे कार्यक्रमों को राज्य सरकार द्वारा लागू न किए जाने के कारण “लाखों करोड़ रुपये” की धनराशि गरीबों तक नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा, “आपकी दिलचस्पी सिर्फ परियोजनाओं का नाम बदलने और श्रेय लेने में है।”
गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण कई सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं और सरकार नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रही है।
बंगाल की तुलना भाजपा शासित दिल्ली से करते हुए गुप्ता ने कहा, “लोगों ने ‘भैया’ (दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल) को पहले ही सत्ता से बाहर कर दिया है। अब ‘दीदी’ को विदाई देने की आपकी बारी है।”
भाषा पारुल नेत्रपाल
नेत्रपाल
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