नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) एरिक्सन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एरिक एकुडेन ने कहा है कि भारत की कृत्रिम मेधा (एआई) महत्वाकांक्षा पूरे प्रौद्योगिकी क्षेत्र को कवर करते हुए देश में नवाचार को बढ़ावा देने और दुनिया भर में योगदान देने का लक्ष्य रखती है।
एरिक एकुडेन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि नेटवर्क का विकास एआई यात्रा का केंद्र होगा। फिलहाल एआई का उपयोग 5जी नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसमें एआई एजेंट्स (स्वायत्त एआई प्रणाली) आएंगे और आगे चलकर रोबोट और ह्यूमैनॉइड जैसी फिजिकल एआई भी विकसित होगी।
ह्यूमनॉइड ऐसे उन्नत रोबोट हैं जिन्हें शारीरिक संरचना और कार्यप्रणाली में इंसानों के समान बनाया जाता है।
एकुडेन ने कहा कि भारत की एआई महत्वाकांक्षा केवल देश में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक स्पष्ट कदम है। इसके लिए मजबूत स्थानीय नवाचार और वैश्विक सहयोग दोनों जरूरी हैं।
उन्होंने कहा, ‘भारत की एआई महत्वाकांक्षा पूरे प्रौद्योगिकी ढांचे में नवाचार को बढ़ावा दे रही है और यह वैश्विक स्तर पर भी लाभ पहुंचाएगी क्योंकि एआई एक वैश्विक प्रक्रिया है। इसके लिए स्थानीय नवाचार और विश्व स्तर पर सहयोग दोनों जरूरी हैं।’
उन्होंने बताया कि एरिक्सन इस दिशा में सक्रिय है और भारत में अपने ग्राहकों, भागीदारों और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर काम कर रही है।
भाषा अजय योगेश
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