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Monday, 23 February, 2026
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बीयर उद्योग अगले तीन साल में उत्तर प्रदेश में 5,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा

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नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) बीयर उद्योग अगले तीन साल में उत्तर प्रदेश में नई इकाइयां और सहायक सुविधाएं स्थापित करने पर करीब 5,500 करोड़ का निवेश करेगा।

ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने यह बात कही है।

बीएआई ने कहा कि बीयर उद्योग उत्तर प्रदेश पर ‘बड़ा दांव’ लगा रहा है। राज्य सरकार द्वारा घोषित नई आबकारी नीति का स्वागत करते हुए, उद्योग ने इसे ‘प्रगतिशील’ बताया है। बीएआई ने कहा कि यह उद्योग की वृद्धि के लिए एक बेहद संतुलित रुख को दर्शाता है।

बीएआई के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा, ‘‘बीयर उद्योग और उसकी सहायक इकाइयां अगले तीन साल में राज्य में 5,500 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।’’

परियोजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत वाली दो नई ब्रूअरीज पर काम पहले से ही चल रहा है।

गिरी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘इसी तरह, 2,000 करोड़ रुपये के निवेश वाले दो बड़े एल्युमीनियम कैन उत्पादन संयंत्र भी पाइपलाइन में हैं, जबकि 2,000 करोड़ रुपये की कुछ ग्लास उत्पादन इकाइयां भी जल्द लगाई जाएंगी।’’

गिरि ने कहा कि साथ ही माल्टिंग इकाई और पेपर बॉक्स बनाने वाली इकाइयों की भी योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी निवेश से उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा और राज्य में नौकरियां पैदा होंगी।

बीएआई तीन प्रमुख कंपनियों…यूनाइटेड ब्रूअरीज लिमिटेड (यूबीएल), एबीइनबेव और कार्ल्सबर्ग का प्रतिनिधित्व करती है, को कुल मिलाकर 55 से ज्यादा ब्रूअरीज का परिचालन करती हैं। देश में बिकने वाली कुल बीयर में इन कंपनियों की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत है।

हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार 2026-27 के लिए अपनी आबकारी नीति लेकर आई है। बीएआई के मुताबिक, यह नीति लाइसेंसिंग और मंजूरी प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता लाती है। इसके अलावा यह लाइसेंसिंग, वितरण और कराधान की स्थिति को बेहतर तरीके से स्पष्ट करती है।

भाषा अजय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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