हैदराबाद, 18 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को जल्दी कार्यालय छोड़ने की अनुमति देने संबंधी तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के आदेश की बुधवार को आलोचना की और कहा कि हिंदू समुदाय को भी इसी तरह की छूट दी जानी चाहिए।
भाजपा की तेलंगाना इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन वी सुभाष ने कहा कि चुनिंदा रियायतों से भेदभाव की धारणा पैदा होने का खतरा है।
उन्होंने उस एक घटना का जिक्र किया जहां 41 दिनों की ‘अय्यप्पा दीक्षा’ का पालन कर रहे हिंदू कर्मचारियों को पारंपरिक काले वस्त्र पहनकर काम पर आने से रोका गया।
उन्होंने कहा कि हिंदू त्योहारों पर भी अक्सर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, खासकर गणेश चतुर्थी और दीपावली के दौरान जिनमें पटाखों पर प्रतिबंध भी शामिल है।
सुभाष ने कहा, ‘‘ धार्मिक अनुष्ठानों को सुगम बनाने पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन कांग्रेस सरकार को सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘सच्ची धर्मनिरपेक्षता सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और सुविधा प्रदान करने में निहित है।’’
उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार को समान नीति अपनानी चाहिए जिससे धार्मिक रियायतों में समानता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि रमज़ान के दौरान रियायतें दी जाती हैं, तो प्रमुख हिंदू त्योहारों के दौरान भी उन्हें लागू किया जाना चाहिए। कानून और शासन के समक्ष समानता से समझौता नहीं किया जा सकता।’’
दो महीने पहले मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कि ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान हैं और मुसलमानों का मतलब कांग्रेस है,’ सुभाष ने कहा कि सरकारी कार्रवाई संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप होनी चाहिए।
तेलंगाना सरकार ने 17 फरवरी को एक आदेश जारी कर मुस्लिम कर्मचारियों को रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने के लिए शाम चार बजे यानी एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी है, सिवाय उन मामलों के जब सेवा संबंधी आपात स्थितियों के कारण उनकी उपस्थिति अनिवार्य हो।
भाषा शोभना पवनेश
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