नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एमए बेबी ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास पर “गंभीर चिंता” जाहिर की।
बेबी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में “स्थापित कानूनों, पूर्व प्रथाओं और संवैधानिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव से कुछ महीने पहले सीमित समय सीमा के भीतर व्यापक पुनरीक्षण कराए जाने से “चुनावी माहौल खराब हो सकता है” और त्रुटियों एवं गलत तरीके से नाम हटाए जाने का खतरा बढ़ सकता है।
बेबी ने कहा, “हालांकि, हम यह मानते हैं कि मतदाता सूचियों का समय-समय पर पुनरीक्षण एक नियमित और आवश्यक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन वर्तमान एसआईआर का तरीका, समय और कार्यप्रणाली स्थापित कानून, पिछली प्रथाओं और संवैधानिक सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर एक नियमित, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी प्रक्रिया होने के बजाय “अराजक, मनमानी और बहिष्कारपूर्ण प्रक्रिया” में बदल गई है, जो मतदाता सूची की अखंडता और मतदान के मौलिक अधिकार दोनों के लिए खतरा है।
भाषा पारुल माधव
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