आनंद (गुजरात), 11 फरवरी (भाषा) मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बुधवार को राज्य में डेयरी किसानों को चौबीसों घंटे मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई) मंच अमूल एआई शुरु किया।
यह मंच अमूल किसान मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सुलभ होगा, जिसे वर्तमान में 10 लाख से अधिक किसानों द्वारा डाउनलोड किया गया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, व्यक्तिगत मवेशियों के बारे में वैयक्तिकृत जानकारी प्राप्त करने के लिए फीचर फोन वाले किसान या लैंडलाइन का उपयोग करके ‘एआई’ सहायक तक कॉल पर भी पहुंचा जा सकता है।
अमूल एआई का उपयोग अन्य किसान भी कर सकते हैं जो सामान्य डेयरी और पशुपालन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए सीधे अमूल से जुड़े नहीं हैं।
इसकी प्राथमिक भाषा गुजराती होगी।
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि एआई पहल कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
किसानों से प्रौद्योगिकी तक सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को स्मार्ट बनाने के उद्देश्य से अभिनव अमूल एआई क्रांति का शुभारंभ, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त अग्रणी सहकारी संस्था और डेयरी ब्रांड अमूल द्वारा आणंद में आयोजित किया गया था, जो 18,500 से अधिक गांवों में 36 लाख दूध उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करता है।
पटेल ने कहा कि अमूल ने अपने सदस्यों और दूध उत्पादकों के लिए उच्च आय सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल क्रांति के माध्यम से नवीनतम तकनीक का उपयोग किया है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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