नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) सरकार बृहस्पतिवार को नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) शृंखला के आधार पर जनवरी माह के खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़े जारी करेगी। इस शृंखला में हवाई किराया, ई-कॉमर्स मंचों पर कीमतों और ओटीटी मंचों के सदस्यता शुल्क में उतार-चढ़ाव को भी शामिल किया जाएगा।
आधार वर्ष 2024 वाली नई सीपीआई शृंखला में 358 वस्तुओं एवं सेवाओं को शामिल किया गया है जबकि 2012 आधार वर्ष की पुरानी शृंखला में 299 मदों को रखा गया था।
इन कीमतों का संकलन 1,465 ग्रामीण और 1,395 शहरी बाजारों से किया जाएगा, जो पहले की तुलना में अधिक व्यापक दायरा है।
पुरानी शृंखला पर आधारित अंतिम मुद्रास्फीति आंकड़े दिसंबर, 2025 के लिए जारी किए गए थे।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (एनएसओ) खुदरा मुद्रास्फीति, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से जुड़े व्यापक-आर्थिक आंकड़े जारी करता है।
मंत्रालय ने आंकड़ों की प्रासंगिकता, सटीकता और अंतरराष्ट्रीय तुलना क्षमता को बढ़ाने के लिए जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई के आधार वर्ष में व्यापक संशोधन का निर्णय लिया है।
जीडीपी और आईआईपी के लिए नया आधार वर्ष 2022-23 होगा जबकि सीपीआई का प्रस्तावित आधार वर्ष 2024 रखा गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, इन सूचकांकों के आधार वर्ष संशोधन की प्रक्रिया संबंधित तकनीकी सलाहकार समिति/ विशेषज्ञ समूहों के मार्गदर्शन में पूरी की गई है, जिनमें शिक्षाविद, केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विशेषज्ञ शामिल रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि नई जीडीपी शृंखला को 27 फरवरी, नई सीपीआई शृंखला को 12 फरवरी और आईआईपी की नई शृंखला को मई, 2026 में जारी किया जाएगा।
पिछले सप्ताह आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान जारी नहीं किया था और नई सीपीआई शृंखला के आंकड़ों की प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया था।
केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति तय करते समय खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर गौर करता है।
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प्रेम अजय
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