कोलकाता, नौ फरवरी (भाषा) सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इसने निर्वाचन आयोग के ‘मनमानी भरे दृष्टिकोण’ पर ‘कड़ी फटकार’ लगाई है।
उच्चतम न्यायालय ने राज्यों से स्पष्ट कर दिया है कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पूरा करने में किसी को भी बाधा उत्पन्न करने की अनुमति नहीं देगा और पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्वाचन आयोग के इस आरोप पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है कि शरारती तत्वों द्वारा उसके नोटिस जलाए गए थे।
पश्चिम बंगाल द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग को 8,505 ‘ग्रुप बी’ अधिकारियों की सूची प्रदान करने का उल्लेख करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस सूची से निर्वाचन आयोग, उनके बायोडाटा और कार्य अनुभव की जांच करने के बाद पहले से ही नियुक्त सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की संख्या के बराबर अधिकारियों को भी सूचीबद्ध कर सकता है।
तृणमूल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि न्यायालय के आदेश ने ‘ईसीआईएसवीईपी की मनमानी पर करारा प्रहार किया है।’
पार्टी ने दावा किया कि, ‘अदालत ने स्पष्ट शब्दों में आदेश दिया है कि सूक्ष्म पर्यवेक्षक केवल ईआरओ/एईआरओ की सहायता कर सकते हैं और अंतिम अधिकार पूरी तरह से ईआरओ के पास है।’
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शुभम प्रशांत
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