नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) राजधानी के स्कूलों को लगातार बम धमकी वाले ई-मेल मिलने के बीच अभिभावकों ने कहा कि बार-बार मिल रहीं ऐसी धमकियां बच्चों और उनके परिवारों में चिंता पैदा कर रही हैं और स्कूलों की रोजमर्रा की गतिविधियों को बाधित कर रही हैं।
लोधी रोड स्थित एयर फोर्स बाल भारती स्कूल के एक छात्र के पिता ने कहा कि इस तरह की घटनाएं अब अक्सर होने लगी हैं और यह परिवारों के लिए बेहद परेशान करने वाली हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह इतना आम हो गया है कि लगभग हर महीने स्कूल से फोन आ जाता है और हम तुरंत घबरा जाते हैं। इसका असर हमारे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है और अभिभावकों को भी काम बीच में छोड़कर स्कूल आना पड़ता है।’
इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए, एयर फोर्स स्कूल में पढ़ने वाले दो बच्चों की मां श्वेता ने कहा कि बार-बार स्कूल खाली कराए जाने के कारण बच्चे परेशान हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमारे बच्चे खुद को बेबस महसूस करते हैं। वे सुबह आठ बजे से दोपहर तक बिना पानी पिए या खाना खाए मैदान में बैठे रहे। हमें एक दिन पहले भी इसी तरह का फोन आया था। हमेशा डर बना रहता है-आज फोन आया है, कल कुछ अनहोनी न हो जाए।’
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को राजधानी के लगभग 15 स्कूलों को बम धमकी वाले ई-मेल मिले, जिसके बाद भारी सुरक्षा तैनाती की गई और एहतियातन स्कूल खाली कराए गए। इनमें से आठ धमकियां बाद में फर्जी पाई गईं।
स्कूल अधिकारियों ने बताया कि वे लगातार मिल रही बम धमकियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, प्रवेश नियमों को सख्त करने और अधिकारियों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय सहित सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
द्वारका स्थित आईटीएल इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य सुधा आचार्य ने कहा कि स्कूल परिसर में हूटर सिस्टम लगाया गया है। उन्होंने कहा, ‘जैसे ही हमें ऐसा कोई ई-मेल मिलता है, हूटर बजाया जाता है और पांच मिनट के भीतर छात्र मैदान में एकत्र हो जाते हैं। हम नियमित रूप से मॉक ड्रिल और निकासी अभ्यास करते हैं और शिक्षा विभाग के संपर्क में रहते हैं।’ उन्होंने कहा कि स्कूल केवल एहतियाती कदम ही उठा सकते हैं।
रोहिणी स्थित बाल भारती स्कूल की प्रधानाचार्य गीता गंगवानी ने कहा कि परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
उन्होंने कहा, ‘हमने स्कूल के बाहर निगरानी दोगुनी कर दी है, आगंतुकों का प्रवेश सीमित कर दिया है, सीसीटीवी कैमरों के जरिये कड़ी निगरानी रखी जा रही है और स्थानीय पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं।’
एक अन्य अभिभावक (जिनका बच्चा सादिक नगर स्थित द इंडियन स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता है) ने कहा कि बार-बार की चेतावनियां छोटे बच्चों में मानसिक आघात पैदा कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह अब लगभग रोज हो रहा है। सरकार को इन ई-मेल के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि अभिभावकों और बच्चों को कुछ राहत मिल सके।’
पुलिस के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में कथित तौर पर ‘दिल्ली खालिस्तान बनेगा’ और ‘अफजल गुरु की याद में’ जैसे भड़काऊ संदेश थे। इन ई-मेल में 13 फरवरी को अपराह्न 1:11 बजे संसद के भीतर विस्फोट की धमकी भी दी गई थी, जिसके बाद कई सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट किया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, सुबह के समय शहर के कई शैक्षणिक संस्थानों से आपात कॉल प्राप्त हुईं, जिसके बाद दमकल गाड़ियां और बम निरोधक दस्ते मौके पर भेजे गए।
एहतियात के तौर पर स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और छात्रों व कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। बम निरोधक और खोजी दस्तों के साथ श्वान दस्तों ने प्रभावित स्कूलों में तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी भी स्कूल परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है और तलाशी अभियान जारी है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
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