इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हिंसा प्रभावित उखरूल जिले का दौरा कर घायलों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में इलाज करा रहे घायलों से हाथ मिलाकर उनका हालचाल जाना और लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की.
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा, “मैं समाज के सभी वर्गों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं. तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए संवाद और संयम बहुत ज़रूरी है.”
इससे पहले उप मुख्यमंत्री लोसी डिखो, उखरूल विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम मुइवाह और सैकुल विधानसभा क्षेत्र के विधायक किमनियो हांगशिंग हाओकिप ने लितान सारैखोंग का दौरा किया. यहां एक दिन पहले तंगखुल और कुकी समुदाय के लोगों के बीच झड़प की खबर सामने आई थी.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस घटना में 20 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि तीन चार पहिया वाहन भी जला दिए गए. हिंसा के बाद इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े और कानून-व्यवस्था बनी रहे. क्षेत्र में निषेधाज्ञा भी लागू कर दी गई है.
हिंसा के बाद दोनों समुदायों के कई लोग डर के माहौल में अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. लोग अपना सामान समेटकर प्रभावित इलाकों से बाहर जा रहे हैं.
प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने व प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है.
उखरूल में हुई हिंसा ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ दिन पहले मणिपुर के तुइबोंग इलाके में सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच करीब नौ घंटे तक झड़प चली थी. यह झड़प गुरुवार शाम करीब 6 बजे शुरू होकर शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे तक चली, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में पूर्ण बंद लागू कर दिया गया था.
गुरुवार को मणिपुर के नए उप मुख्यमंत्रियों नेमचा किपगेन और लोसी डिखो के शपथ ग्रहण के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान चुराचांदपुर जिले में भी हालात बिगड़ गए थे. तुइबोंग मुख्य बाजार क्षेत्र में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को पीछे हटाने की कोशिश की, जिसके बाद तुइबोंग फॉरेस्ट गेट इलाके के पास हिंसा भड़क उठी. आरोप है कि भीड़ ने वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों पर पत्थरबाजी की.
