नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा मुद्रास्फीति के आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक रुझानों से तय होगी।
इसके अलावा, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और तीसरी तिमाही के नतीजे भी सप्ताह के दौरान बाजार को प्रभावित करेंगे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, ”इस सप्ताह कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक कारक मौजूद हैं। भारत में, निवेशक 12 फरवरी को आने वाले खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों और 13 फरवरी को आने वाले विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, ”तिमाही नतीजे भी आ रहे हैं, जिसमें टाइटन कंपनी और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियों के परिणाम इस सप्ताह आने हैं। वैश्विक स्तर पर, प्रतिभागी अमेरिकी आंकड़ों और हालिया गिरावट के बाद नैस्डैक कंपोजिट के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे।”
मिश्रा ने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम और जिंस बाजारों पर उनके प्रभाव पर भी करीब से नजर रखी जाएगी। अशोक लेलैंड, ओएनजीसी, बजाज इलेक्ट्रिकल्स और आयशर मोटर्स के नतीजे भी इस सप्ताह आएंगे।
भारत और अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि वे एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे।
ऑनलाइन कारोबारी मंच एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”आम बजट 2026-27 और आरबीआई के मौद्रिक नीति निर्णयों के प्रभाव के बाद भारतीय इक्विटी बाजार अब एक सुदृढ़ीकरण चरण में प्रवेश कर गए हैं। अब निवेशकों का ध्यान पूंजीगत व्यय के निष्पादन और वास्तविक खर्च की गति पर केंद्रित हो गया है।”
बीते सप्ताह, बीएसई सेंसेक्स 2,857.46 अंक या 3.53 प्रतिशत उछला, और निफ्टी में 868.25 अंक या 3.49 प्रतिशत की तेजी आई।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
