scorecardresearch
Tuesday, 10 February, 2026
होमदेशअर्थजगतअंतरिम व्यापार समझौते के बाद बाजार धारणा प्रभावित होने से अधिकांश तेल-तिलहन के दाम लुढ़के

अंतरिम व्यापार समझौते के बाद बाजार धारणा प्रभावित होने से अधिकांश तेल-तिलहन के दाम लुढ़के

Text Size:

नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) अमेरिका-भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की खबर के बाद बाजार कारोबारियों में अमेरिका से सोयाबीन तेल के शुल्कमुक्त आयात की अफवाह फैलने से तेल-तिलहन बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई जिससे सोयाबीन, सरसों के साथ साथ कई अन्य तेल-तिलहनों के दाम में भारी गिरावट देखी गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते की सूचना फैलते ही कारोबारियों में यह अफवाह जोर पकड़ने लगी कि इससे भारत में अमेरिकी सोयाबीन तेल का शुल्क मुक्त आयात बढ़ेगा। इससे तमाम कारोबारियों में अफरा तफरी दिखी।

सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन के मामले में सारा कारोबार बाजार धारणा के आधार पर चलता है। हालांकि अभी इस समझौते को अंतिम रूप दिया जाना है लेकिन अंतरिम समझौते में जिन शर्तो को रखा गया है, उसके हिसाब से कई अमेरिकी वस्तुओं का भारत की ओर से शुल्क मुक्त आयात किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि खराब बाजार धारणा के असर से सरसों अछूती नहीं थी। हालांकि सरसों के दाम पहले ही अधिक हैं जिसकी वजह से इसकी बिक्री कम है। इन दोनों वजहों से सरसों में पर्याप्त गिरावट देखी गई। सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम तो लुढ़कते दिखे। पिछले दो तीन साल से सोयाबीन किसान सस्ते आयात से परेशान थे लेकिन पिछले कुछ समय से दाम में सुधार आया था और यह दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपपी) के आसपास जा पहुंचा था। लेकिन बाजार में सोयाबीन तेल के शुल्कमुक्त आयात शुरु होने की अफवाह ने सारे सुधार पर पानी फेर दिया।

सूत्रों ने कहा कि पाम-पामोलीन तेल पर आयात शुल्क लागू है और इसके बाजार पर अमेरिका के साथ हुए समझौते का क्या असर होता है, इसका पता सोमवार को मलेशिया एक्सचेंज के खुलने के बाद पता लगेगा।

पहले से ऊंचे दाम वाले मूंगफली में बाजार की घबराहट का विशेष असर नहीं हुआ क्योंकि मंहगा होने के कारण मूंगफली में कामकाज पहले से कम रहा है। इस परिस्थिति में मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,950-6,975 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,000-7,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,725-3,025 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,400-2,500 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,400-2,545 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,900 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,825 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,725 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,600-5,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments