आइजोल, छह फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मिजोरम में पूर्व में तैनात रहे सीमा शुल्क विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ तस्करों से 35 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। यहां जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया कि एक सेवानिवृत्त अधीक्षक और दो निरीक्षकों समेत तीनों आरोपियों ने रिश्वत लेने के बाद तस्करों के जब्त माल को कथित तौर पर छोड़ दिया।
गुवाहाटी स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त की औपचारिक शिकायत के बाद तीन फरवरी को आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने 2022-2023 के दौरान पूर्वी मिजोरम में भारत-म्यांमा सीमा पर एक महत्वपूर्ण पारगमन बिंदू- चम्फाई शहर में सीमा शुल्क निवारक बल (सीपीएफ) में सेवा करते हुए अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया।
बयान में कहा गया है कि अधिकारियों ने कथित तौर पर बिना कोई कानूनी दस्तावेज दाखिल किए सुपारी और विदेशी सिगरेट की खेप को जब्त कर लिया।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने जब्त किए गए तस्करी के सामान को छोड़ने के बदले कई मौकों पर 35 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत कथित तौर पर ली थी।
बयान में कहा गया कि गोदामों के निरीक्षण से पता चला कि दिसंबर 2022 और अप्रैल 2023 के बीच जब्त किया गया 1.42 करोड़ रुपये से अधिक का सामान वहां से गायब था।
धन के लेन-देन की कड़ी का पता लगाने और सबूतों तक पहुंचने के लिए सीबीआई ने समन्वित प्रयास करते हुए पांच राज्यों – गुवाहाटी (असम), इटानगर (अरुणाचल प्रदेश), सीकर (राजस्थान), पटना (बिहार) और चुराचांदपुर (मणिपुर) में आरोपियों के आवासों तथा परिसरों पर छापेमारी की।
मिजोरम सरकार और नागरिक संस्थाओं द्वारा मादक पदार्थों तथा सुपारी की तस्करी के खिलाफ तेज किए गए अभियान के बीच यह कार्रवाई की गई।
भाषा यासिर प्रशांत
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