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Friday, 6 February, 2026
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उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट किया पेश

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(तस्वीरों के साथ)

जम्मू, छह फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में 2026-27 का 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट शुक्रवार को पेश किया और कहा कि यह वित्तीय योजना केंद्र शासित प्रदेश में सतत वृद्धि, सामाजिक सौहार्द एवं आर्थिक समृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार करने का लक्ष्य रखती है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निवेश, नवाचार एवं सहभागी शासन को बढ़ावा देकर केंद्र शासित प्रदेश को एक आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से सशक्त क्षेत्र में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

बजट पेश करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ बेहद विनम्रता और अटूट संकल्प के साथ मैं आज वित्त मंत्री के रूप में अपना दूसरा बजट प्रस्तुत कर रहा हूं। हमारी सरजमीं के वित्तीय भविष्य को आकार देने की यह जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है।’’

बजट को वृद्धि का खाका बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है बल्कि एक वित्तीय दिशा-सूचक है जो हमें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। यह दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि, सामाजिक सौहार्द और सतत समृद्धि के लिए मजबूत नींव रखता है।’’

मुख्यमंत्री ने सदन के सदस्यों से क्षेत्र के विकास के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ इस साझा यात्रा की शुरुआत करते हुए, मैं इस सदन के प्रत्येक सदस्य से एकजुट होकर एक मजबूत एवं समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान करता हूं।’’

राजकोषीय संकट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के बजट की जरूरतों का केवल 25 प्रतिशत ही कर एवं गैर-कर राजस्व से पूरा होता है।

उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर, 2025 तक करों से 10,265 करोड़ रुपये और गैर-कर स्रोतों से 4,964 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल व्यय का करीब 60 प्रतिशत वेतन, पेंशन तथा ऋण सेवा पर खर्च होता है। सरकार, ऋण प्रबंधन एवं गैर-प्राथमिकता वाले खर्चों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम उधार को स्वीकृत सीमा के भीतर रखकर और नकदी प्रबंधन में सुधार करके ऋण स्थिरता को मजबूत कर रहे हैं। लगातार तीसरे वर्ष मितव्ययिता के उपाय लागू किए गए हैं।’’

उन्होंने वित्तीय चुनौतियों से निपटने में केंद्र सरकार के सहयोग को भी स्वीकार किया।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ केंद्र सरकार हमारी कठिनाइयों से अवगत रही है और विशेष सहायता के जरिये लगातार हमारा समर्थन करती रही है।’’

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर को पूंजी निवेश को राज्यों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास, जलविद्युत परियोजनाओं और आपदा राहत कार्यों, विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में, किया जाएगा।

भाषा निहारिका अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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