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Saturday, 21 March, 2026
होमदेशअर्थजगतयह भारत का युग है, अगले एक दशक तक जीडीपी में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि होगी: फिंक

यह भारत का युग है, अगले एक दशक तक जीडीपी में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि होगी: फिंक

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मुंबई, चार फरवरी (भाषा) वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ब्लैकरॉक के चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लैरी फिंक ने बुधवार को कहा कि अगले कुछ साल भारत के नाम रहेंगे और देश अगले एक दशक या उससे अधिक समय में आठ से 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा।

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मिलकर देश में निवेश और संपत्ति प्रबंधन का कारोबार कर रही ब्लैकरॉक के प्रमुख फिंक ने भारतीयों से पूंजी बाजार में निवेश करने की अपील की और कहा कि पैसा केवल बैंक जमा में रखने से बचना चाहिए।

उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पूंजी बाजार में निवेश करने वालों को समय के साथ ज्यादा लाभ मिला, जबकि बैंक में पैसा रखने वालों को कम फायदा हुआ।

जियो ब्लैकरॉक के एक कार्यक्रम में फिंक ने कहा, ‘भारत के इस दौर में हमें देश की तरक्की के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को निवेश से जोड़ना होगा।’

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के साथ बातचीत में फिंक ने दोहराया कि अगले 10 वर्षों में भारत की वृद्धी दर आठ से 10 प्रतिशत रह सकती है।

भारत को लेकर अपनी उम्मीदों का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां की बौद्धिक क्षमता उन्हें आशावादी बनाती है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर व्यापार, उपभोग और सूचना व्यवस्था को बदलने का भारत का तरीका बेहद प्रेरणादायक है।

फिंक की बात से सहमत होते हुए अंबानी ने इसे नई पीढ़ी का दौर बताया और कहा कि देश में निरंतर दोहरे अंक की वृद्धि संभव है।

उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद में 10 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि 2023 में भारत के वित्तीय क्षेत्र में दोनों कंपनियों की साझेदारी सिर्फ पांच मिनट में तय हो गई थी और इसके पीछे दोनों उद्यमियों की दोस्ती भी एक वजह रही।

अंबानी ने कहा कि भारत परंपरागत रूप से बचत करने वाला देश रहा है, लेकिन उन्होंने अफसोस जताया कि पिछले साल भारतीयों ने 60 अरब डॉलर से ज्यादा सोने और 15 अरब डॉलर चांदी में निवेश किया।

उन्होंने कहा कि जियो ब्लैकरॉक के लिए मौका यह है कि वह भारतीय बचतकर्ताओं को पूंजी बाजार के बारे में समझाए और उनकी बचत को निवेश की ओर मोड़े।

अंबानी ने कहा कि जिस तरह उन्होंने पहले सस्ती सेवाओं के जरिये दूरसंचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया था, उसी तरह अब प्रौद्योगिकी आधारित वितरण के जरिये निवेश और संपत्ति प्रबंधन क्षेत्र में भी बदलाव लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत के गांवों में भी दुनिया के किसी भी देश की तुलना में बेहतर और सस्ती 5जी दूरसंचार सेवा उपलब्ध है।

अंबानी ने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे स्थिर आर्थिक नेतृत्व से ही किसी देश की पहचान होती है।

भारतीयों की बढ़ती आकांक्षाओं की ओर इशारा करते हुए अंबानी ने कहा कि भविष्य में उन्हें 100 नई रिलायंस जैसी कंपनियां उभरती दिखाई देती हैं।

अंबानी ने भारतीयों से कृत्रिम मेधा (एआई) से डरने की बजाय उसे अपनाने की अपील की और कहा कि औद्योगिक क्रांति के कारण आए बड़े बदलावों के बावजूद भी मानवता आगे बढ़ी थी।

उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में कृत्रिम मेधा देश के 20 करोड़ बच्चों की शिक्षा में मदद करेगी और स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा कर व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को सुलझाने में भी सहायक होगी।

ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अंबानी ने कहा कि आने वाले समय में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे और दस साल बाद भारत अपनी 80 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें आयात करने वाला देश नहीं रहेगा।

इसी कार्यक्रम में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन के. वी. कामत ने कहा कि अगले पांच वर्षों में म्यूचुअल फंड में प्रबंधित कुल निवेश राशि मौजूदा 80 लाख करोड़ रुपये से दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है।

ब्लैकरॉक के मुख्य परिचालन अधिकारी रॉब गोल्डस्टीन ने कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए पूंजी बाजार और म्यूचुअल फंड का मजबूत होना जरूरी है।

आईसीआईसीआई बैंक में लंबे समय तक काम कर चुके कामत ने कहा कि वित्तीय और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के कारण बैंकों को आने वाले कुछ वर्षों में खुद को नए सिरे से ढालना होगा।

उन्होंने कहा कि जियो ब्लैकरॉक ने सात महीने पहले अपना पहला फंड पेश करने के बाद अब तक 10 लाख निवेशकों को जोड़ लिया है, जिनमें से एक-चौथाई निवेशक अपने जीवन में पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं।

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक हितेश सेठिया ने कहा कि कंपनी के शुरू होने के बाद अब तक दो करोड़ उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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