अहमदाबाद, तीन फरवरी (भाषा) गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग ने अहमदाबाद के एक निजी विद्यालय में छठी कक्षा के एक छात्र द्वारा शरारत के तौर पर अपने सहपाठी की पानी की बोतल में चुपके से नेफथलीन की गोलियां डाल दिए जाने की कथित घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रभावित छात्र ने दुर्गंध आने पर पानी नहीं पिया लेकिन एहतियात के तौर पर, स्कूल प्रशासन उसे अस्पताल ले गया और वहां उसकी हालत ठीक पाई गई एवं वह अगले दिन स्कूल लौट आया।
यह घटना 28 जनवरी को मणिनगर क्षेत्र के एक स्कूल में हुई।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रोहित चौधरी ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया और कथित लापरवाही एवं समय पर स्थानीय प्रशासन को मामले की सूचना न देने के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
राज्य के शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने बताया, “एक छात्र ने अपने सहपाठी की पानी की बोतल में नेफथलीन की गोलियां मिला दी थीं। कुछ समय बाद जब दूसरे छात्र ने पानी पीने के लिए बोतल खोली, तो उसे उसमें से एक अजीब सी गंध आने लगी। स्कूल प्रशासन एहतियात के तौर पर उसे तुरंत अस्पताल ले गया । चूंकि वह ठीक था, इसलिए अगले दिन स्कूल आ गया।’’
वाजा ने गांधीनगर में पत्रकारों से कहा, ‘‘वैसे तो डीईओ ने स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन हमने भी जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट मांगी है।’’
सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित सीसीटीवी फुटेज में एक विद्यार्थी को बगल में बैठे अन्य छात्र की पानी की बोतल में कुछ मिलाते हुए देखा जा सकता है।
कारण बताओ नोटिस में, डीईओ ने विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में गंभीर चूक का हवाला दिया और कहा कि स्कूल घटना के बारे में उनके कार्यालय को सूचित करने में विफल रहा, जो ऐसे मामलों में अनिवार्य है।
भाषा
राजकुमार संतोष
संतोष
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