नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) भारत ने भगवान बुद्ध के पवित्र देवनिमोरि अवशेषों की श्रीलंका में चार से 11 फरवरी तक आयोजित की जाने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी को सोमवार को ‘आध्यात्मिक पहुंच और सांस्कृतिक कूटनीति का एक गहरा संकेत’ बताया।
संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि स्थापित प्रोटोकॉल और अवशेषों की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए, इन्हें भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ ले जाया जाएगा।
देवनिमोरि अवशेष गुजरात के अरावली जिले में शामलाजी के निकट स्थित देवनिमोरि पुरातात्विक स्थल से प्राप्त हुए हैं। ये सभी अवशेष वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय में संरक्षित हैं।
मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान व्यक्त किए गए दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, भारत श्रीलंका में भगवान बुद्ध के पवित्र देवनिमोरि अवशेषों की प्रदर्शनी के माध्यम से आध्यात्मिक पहुंच और सांस्कृतिक कूटनीति की एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है।
योजना के अनुसार, मंगलवार को अवशेषों को वडोदरा से दिल्ली लाया जाएगा और फिर अस्थायी रूप से राष्ट्रीय राजधानी में स्थापित किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि चार फरवरी को, इन अवशेषों को एक विशेष विमान से कोलंबो ले जाया जाएगा।
भाषा नोमान राजकुमार
राजकुमार
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
